अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने 25वां संशोधन लागू करने की पेंस से अपील करने संबंधी प्रस्ताव किया पारित


अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने एक प्रस्ताव पारित करके देश के निवर्तमान उपराष्ट्रपति माइक पेंस से अपील की है, वह निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को पद से हटाने के लिए 25वां संशोधन लागू करें।


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Speaker of the House Nancy Pelosi, D-Calif., holds a news conference on the day after violent protesters loyal to President Donald Trump stormed the U.S. Congress, at the Capitol in Washington, Thursday, Jan. 7, 2021. (AP Photo/J. Scott Applewhite)


वाशिंगटन । डेमोक्रेटिक नेताओं के नियंत्रण वाली अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने एक प्रस्ताव पारित करके देश के निवर्तमान उपराष्ट्रपति माइक पेंस से अपील की है, वह निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को पद से हटाने के लिए 25वां संशोधन लागू करें।

इस प्रस्ताव को मंगलवार को 205 के मुकाबले 223 मतों से पारित किया गया। प्रस्ताव में पेंस से अपील की गई कि वह कैबिनेट से 25वां संधोशन लागू करने को कहें।

इस संशोधन को पूर्व राष्ट्रपति जॉन एफ केनेडी की हत्या के मद्देनजर 50 साल से अधिक समय पहले पारित किया गया था। यदि कोई व्यक्ति राष्ट्रपति पद पर सेवा देने उपयुक्त नहीं रह जाता, तो उसकी जगह किसी और की नियुक्त किए जाने का प्रावधान करने के लिए इस संशोधन का उपयोग किया जाता है।

इससे पहले पेंस ने प्रतिनिधि सभा की अध्यक्ष नैंसी पेलोसी से कहा था वह 25वां संशोधन लागू नहीं करेंगे।

पेंस ने प्रतिनिधि सभा की स्पीकर नैंसी पेलोसी को लिखे पत्र में कहा, ‘‘हमारे संविधान में, 25वां संशोधन सजा देने या अधिकार छीनने का जरिया नहीं है। इस प्रकार से 25वां संशोधन लागू करना खराब उदाहरण पेश करेगा।’’

पेलोसी ने सदन में कहा कि छह जनवरी को ट्रंप ने अमेरिका के खिलाफ एक घातक विद्रोह को भड़काया, जिसने इसके लोकतंत्र के दिल यूएस कैपिटल (अमेरिकी संसद भवन) पर हमला किया। उन्होंने कहा कि ‘‘तथ्य बिल्कुल स्पष्ट हैं’’ कि इस राजद्रोही हमले के पीछे राष्ट्रपति का हाथ था और उन्होंने अपने समर्थकों को इसके लिए उकसाया।

इस बीच ट्रंप ने यूएस कैपिटल पर छह जनवरी को किए हमले के बाद अपने पहले भाषण में कहा, ‘‘ अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पहले कभी इतने खतरे में नहीं थी। मुझे 25वें संशोधन से ज़रा सा भी खतरा नहीं है, लेकिन नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन और उनके प्रशासन के लिए यह आगे खतरा जरूर बन सकता है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ देश के इतिहास में जानबूझकर किसी (ट्रंप) को परेशान करने के सबसे निंदनीय कृत्य को आगे बढ़ाते हुए महाभियोग का इस्तेमाल किया जा रहा है और इससे काफी क्रोध एवं विभाजन की स्थिति उत्पन्न हो रही है। इसका दर्द इतना अधिक है कि कुछ लोग इसे समझ भी नहीं सकते, जो कि खासकर इस नाजुक समय में अमेरिका के लिए बेहद खतरनाक है।’’

पेलोसी ने कहा कि ट्रंप के कदम दर्शाते हैं कि वह अपने कार्यालय की मूलभूत दायित्वों का निवर्हन करने में बिल्कुल अक्षम हैं, इसलिए उन्हें तत्काल पद से हटा दिया जाना चाहिए।

कैपिटल बिल्डिंग (अमेरिकी संसद भवन) पर पिछले सप्ताह हुए हिंसक हमले के मद्देनजर ट्रंप के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पर डेमोक्रेटिक नेताओं के नियंत्रण वाली अमेरिकी प्रतिनिधि सभा बुधवार को मतदान करने के लिए तैयार है।

महाभियोग प्रस्ताव पर मतदान के साथ ही ट्रंप अमेरिका के इतिहास में पहले ऐसे राष्ट्रपति बन सकते हैं जिनके खिलाफ दो बार महाभियोग चलाया गया। सांसद जैमी रस्किन, डेविड सिसिलिने और टेड लियू ने महाभियोग का प्रस्ताव तैयार किया है जिसे प्रतिनिधि सभा के 211 सदस्यों ने सह-प्रायोजित किया। इसे सोमवार को पेश किया गया था।

इस महाभियोग प्रस्ताव में निर्वतमान राष्ट्रपति पर अपने कदमों के जरिए छह जनवरी को ‘‘ राजद्रोह के लिए उकसाने’’ का आरोप लगाया गया है।

इसमें कहा गया है कि ट्रंप ने अपने समर्थकों को कैपिटल बिल्डिंग (संसद परिसर) की घेराबंदी के लिए तब उकसाया, जब वहां इलेक्टोरल कॉलेज के मतों की गिनती चल रही थी और लोगों के धावा बोलने की वजह से यह प्रक्रिया बाधित हुई। इस घटना में एक पुलिस अधिकारी समेत पांच लोगों की मौत हो गई।

इससे पहले प्रतिनिधि सभा की न्यायिक समिति के अध्यक्ष जेरोल्ड नैडलर ने ट्रंप के खिलाफ महाभियोग के लिए 50 पन्नों की एक रिपोर्ट जारी की, जिसमें महाभियोग चलाने के लिए मजबूत आधार पेश किए गए हैं।

प्रतिनिधि सभा ने 18 दिसंबर, 2019 में ट्रंप के खिलाफ महाभियोग के आरोप को पारित किया था, लेकिन रिपब्लिकन पार्टी के नियंत्रण वाले सीनेट ने फरवरी 2020 में उन्हें आरोपों से बरी कर दिया था। उस दौरान आरोप लगाए गए थे कि ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति पर दबाव डाला कि वे बाइडन और उनके बेटे के खिलाफ भ्रष्टाचार के दावों की जांच करवाए।

इससे पहले, सदन में बहुमत के नेता स्टेनी होयर ने सोमवार को अपने पार्टी सहकर्मियों के साथ कान्फ्रेंस कॉल के दौरान कहा था कि महाभियोग को लेकर मतदान बुधवार को होगा।

डेमोक्रेटिक सांसदों के पास ट्रंप के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पारित करने के लिए प्रतिनिधि सभा में पर्याप्त मत है, लेकिन सीनेट में रिपब्लिकन नेताओं के पास 50 के मुकाबले 51 का मामूली अंतर से बहुमत है। सीनेट में महाभियोग प्रस्ताव पारित करने के लिए दो तिहाई सदस्यों के मतों की आवश्यकता होती है।