सेवा इंटरनेशनल के सैकड़ों कार्यकर्ता कोरोना से बचाव अभियान में जुटे


अमेरिका में सेवा इंटरनेशनल के सैकड़ों
कार्यकर्ता कोविड-19 से निपटने के लिए
मैदान में उतर आए हैं। इसके लिए अलग अलग स्तर पर अमेरिका के विभिन्न चारों
क्षेत्रों में संघ कार्यकर्ताओं की टीमें बनाई गई हैं, जो प्रवासी भारतीयों को सातों दिन और
चौबीसों घंटे हेल्प लाइन के ज़रिए मदद करेगी।


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अमेरिका में सेवा इंटरनेशनल के सैकड़ों कार्यकर्ता कोविड-19 से निपटने के लिए मैदान में उतर आए हैं। इसके लिए अलग अलग स्तर पर अमेरिका के विभिन्न चारों क्षेत्रों में संघ कार्यकर्ताओं की टीमें बनाई गई हैं, जो प्रवासी भारतीयों को सातों दिन और चौबीसों घंटे हेल्प लाइन के ज़रिए मदद करेगी। अमेरिका के सभी 50 राज्यों में एक लाख बीस हज़ार से अधिक संक्रमित मामले हो गए हैं, जबकि क़रीब दो हज़ार एक सौ लोग जानें गंवा चुके हैं। इस कार्य में चार सौ कार्यकर्ता रात दिन प्रवासी भारतीयों को चिकित्सा सेवाएं जुटाने, कोविड-19 के पाज़िटिव मरीज़ों अथवा क्वारनटीन में फंसे प्रवासी भारतीयों को उनकी दैनिक ज़रूरतों की वस्तुओं की आपूर्ति करने,अमेरिका में स्कूल कालेज बंद होने के कारण यहां पढ़ने आए छात्रों की  देखभाल करने और उनके वीज़ा संबंधी कार्यों में मदद करने का बीड़ा उठाएंगे।  
सेवा इंटेरनेशनल टीम में विशेष आपदा टीम के उपाध्यक्ष स्वदेश कटोच ने बताया कि  इस हेल्प लाइन के माध्यम से अमेरिका के शीर्ष बीस डाक्टरों की टीम बनाई गई है, जो  इन हेल्प लाइन के माध्यम से कोविड-19 के मरीज़ों को समय-समय पर सलाह दे रही है। इस कार्य में दिनप्रतिदिन हज़ारों भारतीय परिवार जुड़ते जा रहे है, जो विभिन्न तरह की सेवाएँ देने में जुटे है। ये सेवाएं वृद्ध जनों को दवाएं पहुंचाने,भोजन सामग्री,कोविड -19 मरीज़ों की डाक्टरों के साथ मुलाक़ात कराने, बीमार मरीज़ों की थेरेपिसट के साथ मुलाक़ात कराने, बच्चों को मनोवैज्ञानिक रूप से मदद करने में सैकड़ों कार्यकर्ता जुट गये हैं।उन्होंने बताया कि सेवा इंटेरनेशनल की एक टीम रातदिन अमेरिका में वाशिंगटन डीसी स्थित भारतीय दूतावास और सभी छह कंसलेट-न्यू यॉर्क,शिकागो,ह्युस्टन,सान फ़्रांसिस्को और जार्जिया की राजधानी में वीज़ा अधिकारियों और राजनयिकों के साथ काम करने में जुट गई है। इसके लिए सेवा इंटेरनेशनल की वेबसाइट पर प्रतिदिन ढेरों सवाल जवाब दिए जा रहे हैं।
अमेरिका की तीन सौ यूनिवर्सिटी में ढाई लाख स्टूडेंट्स हैं जो इस समय अस्थाई तौर पर बंद हैं। इन सभी छात्रों की हेल्थ,वित्तीय और मनोवैज्ञानिक समस्याओं के प्रति सेवा इंटेरनेशनल की एक अन्य टीम रात दिन उटी हुई है। सेवा इंटरनेशनल के अध्यक्ष प्रोफेसर श्रीनाथ ने बताया कि भारत में रह रहे इन छात्रों के अभिभावकों के साथ उनकी टीम के लोग लगातार सम्पर्क बनाए हुए हैं। उन्होंने इन छात्रों के भारतीय अभिभावकों से भी निवेदन किया है कि वे भी हेल्प लाइन से जुड़े रहें और समय समय पर उनसे सम्पर्क कर सकते हैं। प्रोफ़ेसर श्रीनाथ भी ओहायो यूनिवर्सिटी में प्रोफ़ेसर हैं।



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