यूपी में गेहूं खरीद सिस्टम हुआ स्मार्ट , हार्वेस्टरों के मनमनी पर भी लगी लगाम


अधिकारियों के अनुसार जिला खाद्य विपणन अधिकारी पंजीकृत किसानों को खरीद केंद्रों के टोकन जारी कर रहे है। किसानों को सात दिन का ऑनलाइन टोकन जारी किया रहा है।इसकी सूचना किसानों को उनके पंजीकृत मोबाईल नं. पर मैसेज करके यह बताया जा रहा है कि उन्हें किस तारीख को किस खरीद केंद्र पर जाना है।जिन किसानों ने अपना पंजीकरण नहीं कराया है वे भी किसान क्रय केंद्र पर जाकर वहां मौजूद प्रभारी से अपना आधारा कार्ड फोटो पहचान पत्र , बैंक पासबुक और खतौनी की प्रति देकर के अपना पंजीकरण करा सकते है।


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उत्तर प्रदेश Updated On :

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कोरोना संकट के चलते इस बार गेहूं की सरकारी खरीद में आनलाइन टोकन व्यवस्था लागू की गयी है। ज्यादा दाम लेने की शिकायतों के चलते हार्वेस्टरों के रेट भी फिक्स कर दिए गए हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ने बुधवार को प्रदेश में गेहूं की सरकारी खरीद का काम भी शुरु कर दिया गया है। हालांकि पहले दिन कुछ ही जिलों में खरीद केंद्रों पर काम शुरु हो पाया है। प्रदेश  सरकार ने इस बार गेहूं का सरकारी समर्थन मूल्य 1925 रुपया तय किया गया है।
खरीद केंद्रो पर किसानों की अनावश्यक भीड़ को रोकने के लिए ऑनलाइन टोकन व्यवस्था शुरु कर दी गयी है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी पंजीकृत किसानों को खरीद केंद्रों के टोकन जारी कर रहे है। किसानों को सात दिन का ऑनलाइन टोकन जारी किया रहा है। इसकी सूचना किसानों को उनके पंजीकृत मोबाईल नं. पर एसएमएस के जरिये दी जा रही है। किसानों को विभाग द्वारा एसएमएस करके बताया जा रहा है कि उन्हें किस तारीख को किस खरीद केंद्र पर जाना है। जिन किसानों ने अपना पंजीकरण नहीं कराया है वे भी किसान क्रय केंद्र पर जाकर वहां मौजूद प्रभारी से अपना आधारा कार्ड फोटो पहचान पत्र , बैंक पासबुक और खतौनी की प्रति देकर के अपना पंजीकरण करा सकते है।
उत्तर प्रदेश में कोरोना संकट के चलते गेहूं कटाई में आ रही दिक्कतों को चलते प्रदेश सरकार ने हार्वेस्टरों के रेट तय कर दिए हैं। प्रदेश में जगह किसानों से इस बार कटाई के ज्यादा दाम मांगने की खबरें आ रही थीं। प्रदेश सरकार ने प्रति हेक्टेयर 2350 रुपये हार्वेस्टर के कटाई का रेट तय किया है। इसके अलावा गेहूं से भूसा बनाने के लिए 155 रुपये प्रति कुंतल  का रेट तय किया है।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में इस बार केवल 3316 पंजीकृत हार्वेस्टरों को गेहूं की मड़ाई की इजाजत दी गयी है। गेहूं के रकबे को देखते हुए कम संख्या में हार्वेस्टरों के चलते किसानों से ज्यादा कीमत वसूलने की शिकायतें आ रही है। इन शिकायतों का संज्ञान लेते हुए हार्वेस्टरों के रिट फिक्स किए गए हैं। हाथ से कटाई का काम करने वालों को भी सामाजिक दूरी बरकरार रखते हुए इजाजत दी गयी है। इस बार बड़े पैमाने पर उत्तर प्रदेश में किसान हाथ से भी गेहूं की कटाई का काम कर रहे हैं।
प्रदेश के प्रमुख कृषि सचिव देवेश चतुर्वेदी ने बताया कि गेहूं खरीद के लिए 5500 केंद्र पूरे प्रदेश में बनाये गये है। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के बावजूद किसानों को अपनी फसल गेहूं खरीद केंद्रो तक लाने की छूट दी गयी है। एक वाहन पर एक साथ चार लोगों को भी आने जाने की छूट दी गयी है। प्रमुख सचिव ने बताया कि खरीद केंद्रो पर भीड-भाड़ से बचने के लिए किसानों को उनके मोबाईल नम्बरो पर मैसेज भेजा जा रहा है और काल भी की जा रही है। इस बात की व्यवस्था की गयी है कि वही किसान गेहूं खरीद केंद्र पर आये जिनको काल  या मैसेज करके बुलाया गया है। खरीद केंद्रो पर सामाजिक दूरी का पूरा ध्यान रखा जा रहा है।