कोविड-19 के प्रसार को रोकने में आम नागरिकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण: मुख्य सचिव


प्रदेश के अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसादने बताया कि आशा वर्कर्स द्वारा अब तक 19,01,712 लाख कामगारों/श्रमिकों से उनके घर पर जाकर सम्पर्क किया गया। जिसमें से 1664 लोगों में कोरोना जैसे लक्षण मिले, इन लोगों के सैम्पल लेकर उनकी जांच की जा रही है, जिसमें से 1253 लोगों की रिपोर्ट प्राप्त हुई, इनमें से 231 लोग कोरोना संक्रमित पाये गये।


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उत्तर प्रदेश Updated On :

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी ने कहा कि कोविड-19 के प्रसार को रोकने में आम नागरिकों की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका है। अतः नागरिकों को इस वायरस से बचाव हेतु विभिन्न प्रचार माध्यमों से जागरूक करने के निरन्तर प्रयास किये जायें। उन्होंने कहा कि बाजारों में पेट्रोलिंग कर सोशल डिस्टेसिंग तथा मास्क के प्रयोग का अनुपालन कड़ाई से सुनिश्चित कराया जाये। इस कार्य में स्वयंसेवी संस्थाओं और व्यापार मण्डलों का भी सहयोग लिया जाये तथा पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाये।

मुख्य सचिव ने यह निर्देश आज लोक भवन स्थित कार्यालय कक्ष के सभागार में अनलाॅक व्यवस्था की समीक्षा के दौरान दिये। उन्होंने कहा कि मेरठ मण्डल में आगामी जुलाई के प्रथम सप्ताह में एक विशेष कार्यक्रम के तहत डोर-टू-डोर मेडिकल स्क्रीनिंग की जानी है। इसके लिये स्वास्थ्य विभाग द्वारा शत-प्रतिशत घरों की स्क्रीनिंग का कार्य निर्धारित समय में पूर्ण कराने हेतु आवश्यक रणनीति समय से तैयार कर ली जाये। 

उन्होंने कहा कि इस दौरान जनपदों में रैपिड रेस्पाँस टीम एवं एम्बुलेंस को तैयार रखा जाये, जिससे सूचना प्राप्त होते ही उचित कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके। मुख्य सचिव ने कहा कि कंटेनमेंट जोन में सख्ती बरतते हुये आवागमन को रोका जाये तथा केवल आवश्यक सेवाओं एवं चिकित्सीय सुविधा हेतु ही टीमों को आने-जाने दिया जाये। जनपदों में अधिकतम संख्या में सैम्पल टेस्टिंग की जाये, ताकि संक्रमित व्यक्तियों की शीघ्रतापूर्वक पहचान कर आइसोलेट किया जा सके।

उन्होंने कहा कि सर्विलांस टीम की दिन-प्रतिदिन की प्रगति की एप अथवा पोर्टल के माध्यम से नियमित मॉनीटरिंग की व्यवस्था भी की जाये। उन्होंने प्रदेश में 20 हजार टेस्टिंग क्षमता को 30 जून तक 25 हजार करने के प्रयास सुनिश्चित किये जायें। यह भी कहा कि टेस्टिंग क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ चिकित्सालयों में आवश्यकतानुसार बेड, मैनपावर तथा आवश्यक उपकरणों की संख्या की वृद्धि के लिये भी निरन्तर प्रयास सुनिश्चित किये जायें।

प्रदेश में कोरोना के 6,689 मामले एक्टिव: अमित मोहन

प्रदेश के अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने आज यहां लोक भवन में प्रेस प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए बताया कि प्रदेश में टेस्टिंग का कार्य तेजी से किया जा रहा है। कल एक दिन में सर्वाधिक 20,782 सैम्पल की जांच की गयी। जो अब तक का एक रिकार्ड है।

उन्होंने बताया कि अब तक कुल 6,84,296 सैम्पल की जांच की गयी है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 6,679 कोरोना के मामले एक्टिव हैं। उन्होंने बताया कि अब तक 14,808 मरीज पूरी तरह से उपचारित हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि अब डिस्चार्ज का प्रतिशत 66.86 है। उन्होंने बताया कि पूल टेस्ट के अन्तर्गत कुल 1899 पूल की जांच की गयी, जिसमें 1723 पूल 5-5 सैम्पल के तथा 176 पूल 10-10 सैम्पल की जांच की गयी।

प्रसाद ने बताया कि आशा वर्कर्स द्वारा अब तक 19,01,712 लाख कामगारों/श्रमिकों से उनके घर पर जाकर सम्पर्क किया गया। जिसमें से 1664 लोगों में कोरोना जैसे लक्षण मिले, इन लोगों के सैम्पल लेकर उनकी जांच की जा रही है, जिसमें से 1253 लोगों की रिपोर्ट प्राप्त हुई, इनमें से 231 लोग कोरोना संक्रमित पाये गये। 

उन्होंने बताया कि ग्राम एवं मोहल्ला निगरानी समितियों के द्वारा निगरानी का कार्य सक्रियता से किया जा रहा है। अब तक 1,49,840 सर्विलांस टीम द्वारा 1,09,93,288 घरों के 5,60,53,424 लोगों का सर्वेक्षण किया गया है। उन्होंने बताया कि आरोग्य सेतु ऐप से अलर्ट जनरेट आने पर कन्ट्रोल रूम द्वारा निरन्तर फोन किया जा रहा है। अलर्ट जनरेट होने पर अब तक 93,646 लोगों को कन्ट्रोल रूम द्वारा फोन कर जानकारी प्राप्त की गयी।