अनामिका शुक्ला के दस्तावेज पर आठ जिलों में अन्य महिलाओं ने हासिल की नौकरी : मंत्री


बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि अध्यापिका अनामिका शुक्ला के कुल 25 स्कूलों में कार्यरत होने और उन्हें एक करोड़ रुपये वेतन का भुगतान होने की बात सामने आयी है। जांच में यह तथ्य सामने आया है कि अनामिका शुक्ला के दस्तावेज का इस्तेमाल करके वाराणसी, अलीगढ़, कासगंज, अमेठी, रायबरेली, कई जिलों में कई अन्य लोगों ने भी नौकरी हासिल की है।


भास्कर न्यूज भास्कर न्यूज
उत्तर प्रदेश Updated On :

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बागपत स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में कार्यरत शिक्षिका अनामिका शुक्ला के दस्तावेज का इस्तेमाल करके आठ अन्य जनपदों के विद्यालयों में अन्य लोगों ने नियुक्तियां हासिल की और उन्हें 12 लाख 24 हजार 700 रुपये का भुगतान हुआ। 

बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी ने मंगलवार को संवाददाता सम्मेलन में बताया कि बागपत के बड़ौत में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में अध्यापिका अनामिका शुक्ला के कुल 25 स्कूलों में कार्यरत होने और उन्हें एक करोड़ रुपये वेतन का भुगतान होने की बात सामने आयी है। जांच में यह तथ्य सामने आया है कि अनामिका शुक्ला के दस्तावेज का इस्तेमाल करके वाराणसी, अलीगढ़, कासगंज, अमेठी, रायबरेली, प्रयागराज, सहारनपुर और अम्बेडकरनगर में अन्य जगहों पर अन्य लोगों ने नौकरी हासिल की है। 

उन्होंने कहा कि हालांकि उनमें से किसी ने कहीं पर ज्वाइन नहीं किया, कई जगहों पर नियुक्ति लेकर काम नहीं किया। कुल मिलाकर छह विद्यालयों के माध्यम से अनामिका शुक्ला के दस्तावेज पर नियुक्त हुई शिक्षिकाओं को 12 लाख 24 हजार 700 रुपये का भुगतान हुआ है। 

द्विवेदी ने बताया कि इस मामले की अभी तक की जांच में यह स्थिति आयी है। कहीं और अनामिका शुक्ला के नाम पर नौकरी हासिल किये जाने की जानकारी अभी नहीं मिली है। कासगंज में पुलिस ने एक शिक्षिका को गिरफ्तार किया है, मगर असल अनामिका शुक्ला अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर है। मंत्री ने कहा कि सरकार इस पूरे मामले की गहराई से जांच करायेगी और जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। 

उन्होंने कहा कि सरकार ने पूरे प्रदेश के 746 कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में लगभग पांच हजार शिक्षिकाओं के दस्तावेजों की जांच के आदेश दे दिये हैं, ताकि कहीं और ऐसा मामला हो तो पकड़ा जा सके। मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने भ्रष्टाचार के प्रति बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करने की नीति पर काम किया है। अगर कहीं भ्रष्टाचार का कोई मामला सामने आया तो जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है।

पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल में हुई कुछ फर्जी नियुक्तियों की बात सामने आने पर एसआईटी और एसटीएफ को जांच सौंपी गयी। अब तक 1701 फर्जी शिक्षकों को बर्खास्त किया जा चुका है। गौरतलब है कि प्रदेश के बागपत स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में तैनात अनामिका शुक्ला नामक शिक्षिका के 25 जिलों के इन विद्यालयों में नौकरी करते हुए 13 महीने में एक करोड़ रुपये से ज्यादा का वेतन उठाने का मामला सामने आया है। इस मामले में पिछले दिनों कासगंज में एक शिक्षिका को गिरफ्तार किया गया था।