पीस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर अयूब पर लगा एनएसए, विवादित विज्ञापन छपवाने का है आरोप


पुलिसके अनुसार प्रशासन ने रासुका लगाने कायह कदम पीस पार्टी अध्यक्ष डॉक्टर अयूब द्वारा लखनऊ के उर्दू अखबारों में विवादित विज्ञापन छपवाने के मामले में उठाया गयाहै। इस विज्ञाप के बाद डॉ. अयूब पर हजरतगंज थाने में धार्मिक भावना भड़काने, सेवेन क्रिमिनल लॉ और आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ था।



लखनऊ। पीस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर अयूब अंसारी की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। सोमवार को उन पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) लगातकर जेल में डाल दिया गया। यह कार्रवाई लखनऊ के डीएम अभिषेक प्रकाश द्वारा की गई है।

पुलिस के अनुसार प्रशासन ने रासुका लगाने का यह कदम पीस पार्टी अध्यक्ष डॉक्टर अयूब द्वारा लखनऊ के उर्दू अखबारों में विवादित विज्ञापन छपवाने के मामले में उठाया गया है। इस विज्ञाप के बाद डॉ. अयूब पर हजरतगंज थाने में धार्मिक भावना भड़काने, सेवेन क्रिमिनल लॉ और आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ था।
एक अगस्त की रात हजरतगंज पुलिस ने डॉक्टर अयूब को उनके बड़हलगंज स्थित जोहरा अस्पताल से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस उन्हें लखनऊ लेकर पहुंची थी, जहां कोर्ट में पेशी के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया था। वे तब से लखनऊ जेल में बंद हैं।

डॉ. अयूब ने अपनी गिरफ्तारी के दौरान एक वीडियो भी बनाया था जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि योगी सरकार ने उन्हें गिरफ्तार करने के लिए पुलिस भेजी है, लेकिन किस अपराध में उन्हें गिरफ्तार किया जा इस बारे में पुलिस कुछ बता नहीं रही है, बस पुलिस के साथ चलने की बात कह रही है। इस वीडियों में देखा जा सकता है कि डॉ. अयूब यह सब बाते पुलिस के सामने ही कह रहे थे, लेकिन अभी कुछ सेकेण्ड अपनी बात कहे ही थे कि एक पुलिस अधिकार ने कहा चलिए नेता जी देरी हो रही कहकर उनको गाड़ी में जबरदस्सी बैठाकर लेकर चली जाती है। उल्लेखनीय है कि हाल ही में डॉक्टर अयूब की पीस पार्टी ने सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर कर काशी-मथुरा मामले में खुद को पार्टी बनाए जाने की मांग की थी।  बता दे कि डॉक्टर अयूब की किसी समय गोरखपुर के सांसद रहने के दौरान योगी आदित्यनाथ से काफी नजदिकियों की चर्चा थी, लेकिन जैसे ही योगी आदित्यनाथ यूपी के सीएम बने दोनों नेता एक-दूसरे के धुर विरोधी हो गए।