लखीमपुर घटना की तरह राजस्थान में दलित की पिटाई से मौत मामले को स्वत:संज्ञान ले उच्च्तम न्यायालय: मायावती

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उत्तर प्रदेश Updated On :

लखनऊ। राजस्थान में दलित की पीटकर हत्या किये जाने के मामले पर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने मंगलवार को कहा कि उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी की तरह ही इस मामले का भी उच्चतम न्यायालय अगर स्वतः संज्ञान ले तो बेहतर होगा ।

मायावती ने ट्वीट किया, ‘‘कांग्रेस शासित राजस्थान की ताज़ा घटना में एक दलित की पीट-पीट कर की गई निर्मम हत्या की चर्चा व उसकी निन्दा पूरे देश भर में हुई, किन्तु कांग्रेस का नेतृत्व न केवल खुद चुप ही रहा बल्कि अपने दलित नेताओं के भी बोलने पर पाबन्दी लगाकर उनकी जुबान बंद कर दी है, यह अति-दुःखद व शर्मनाक।

जो यह साबित करता है कि कांग्रेस पार्टी व इनकी सरकारों की नजर में दलितों की न तो पहले कोई अहमियत थी और न ही अब उनके जान-माल व सुरक्षा की कोई खास परवाह है। पंजाब के नए सीएम (मुख्यमंत्री) व गुजरात के इनके नए नेता द्वारा भी दोहरा मापदण्ड अपनाते हुए अभी तक अपनी जुबान बंद रखना कितना उचित?’

बसपा नेता ने कहा, ‘‘यही कारण है कि राजस्थान के इस हत्याकाण्ड के सम्बंध में तीन दिन बाद प्राथमिकी दर्ज की गई है, जिससे पीड़ित परिवार को सरकार से न्याय मिलने की संभावना कम ही लगती है। अतः उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी की तरह ही इस मामले का भी माननीय उच्चतम न्यायालय अगर स्वतः संज्ञान ले तो बेहतर।’’

गौरतलब हैं कि राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के प्रेमपुरा में सात अक्टूबर को कुछ लोगों ने जगदीश नामक दलित व्यक्ति को कथित तौर पर लाठियों से पीटा जिससे उसकी मौत हो गई।

पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने जगदीश की हत्या के बाद शव को उसके घर के बाहर फेंक दिया था। मृतक के परिजनों ने आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग को लेकर शव लेने से मना कर दिया था। आरोपियों ने पूरी घटना का वीडियो बनाया था। पुलिस के अनुसार, हत्या प्रेम प्रसंग के चलते की गई। इस संबंध 11 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

हनुमानगढ़ जिले में दलित युवक की पीट पीटकर हत्या करने के मामले में तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है।