लेबर वेलफेयर बोर्ड के माध्यम से कंस्ट्रक्शन वर्कर को सहायता राशि देगी दिल्ली सरकार


प्रधानमंत्री ने 24 मार्च
की रात 12 बजे
दिल्ली समेत पूरे देश में 21 दिन का लॉक डाउन कराने की घोषणा की है। दिल्ली सरकार
ने इससे पहले ही 23 मार्च की सुबह 6 बजे से ही दिल्ली में लॉक डाउन की घोषण कर दी थी।



दिल्ली सरकार ने लॉक
डाउन के दौरान निर्माण कार्य से जुड़े दिहाड़ी मजदूरों को 5-5 हजार रुपये की सहायता राशि देने की प्रक्रिया तेज कर दी
है। दिल्ली सरकार ने दिल्ली लेबर वेलफेयर बोर्ड के तहत पंजीकृत मजदूरों को सहायता
राशि देने के लिए एलजी अनिल बैजल के पास फाइल भेज दी है। फंड की फाइल पर एलजी की
अनुमति मिलते ही दिल्ली सरकार सभी पंजीकृत दिहाड़ी मजदूरों के खाते में निर्धारित
सहायता राशि भेज देगी। वहीं, निर्माण कार्य से
जुड़े करीब 9149 दिहाड़ी मजदूरों
का अभी तक बोर्ड के तहत पंजीकृरण नहीं हो पाया है। इन सभी का पंजीकरण कराने की
प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, ताकि इन्हें भी
शीघ्र राहत राशि दी जा सके।

 कोरोना के प्रकोप से उत्पन्न स्थिति से निपटने के लिए प्रधानमंत्री ने 24 मार्च की रात 12 बजे दिल्ली समेत पूरे देश में 21 दिन का लॉक डाउन कराने की घोषणा की है। दिल्ली सरकार ने
इससे पहले ही 23 मार्च की सुबह 6 बजे से ही दिल्ली में लॉक डाउन की घोषण कर दी
थी। दिल्ली सरकार लॉक डाउन की वजह से लोगों को हो रही परेशानियों को कम करने का
पूरा प्रयास कर रही है। प्रतिदिन काम करके घर का खर्च चलाने वाले दिहाड़ी मजदूरों
की मदद को लेकर दिल्ली सरकार काफी गंभीर है।

मुख्यमंत्री
अरविंद केजरीवाल ने लॉक डाउन के दौरान निर्माण कार्य से जुड़े दिहाड़ी मजदूरों को
राहत देते हुए उन्हें 5-5 हजार रुपये की
सहायता राशि देने की घोषणा की है। यह सहायता राशि दिल्ली लेबर वेलफेयर बोर्ड के
तहत पंजीकृत मजदूरों को दी जानी है। दिल्ली लेबर वेलफेयर बोर्ड के तहत कुल 37127 मजदूर पंजीकृत हैं, जबकि 9149 मजदूरों का अभी
पंजीकरण नहीं हो पाया है। दिल्ली सरकार ने सहायता राशि देने के लिए एलजी अनिल बैजल
के पास इसकी फाइल भेजी है। एलजी से फाइल की मंजूरी मिलते ही पंजीकृत दिहाड़ी
मजूदरों के खाते में सहायता राशि भेज दी जाएगी। वहीं, जिन मजदूरों का अभी तक पंजीकरण नहीं हुआ है, उनका पंजीकरण कराया जा रहा है। पंजीकरण के बाद इनके
खाते में भी राशि भेज दी जाएगी।

कोरोना वायरस के
प्रकोप से दिल्ली वासियों को बचाने और लॉक डाउन के दौरान हो रही परेशानियों को कम
करने के लिए दिल्ली सरकार लगातार सकारात्मक प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री अरविंद
केजरीवाल समेत सभी मंत्री और विधायकों के अलावा जरूरी सेवाओं से जुड़े सभी विभागों
के अधिकारी दिन-रात लोगों की मदद में लगे हुए हैं। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल
खुद सब की निगरानी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने परेशानियों को कम
करने के उद्देश्य से पेंशन प्राप्त करने वाले 8.5 लाख विकलांगों, विधवाओं व बुजुर्गों की अप्रैल माह की पेंशन राशि दोगुना करके देने की घोषणा
की है। यह राशि 7 अप्रैल तक
लाभार्थियों के खाते में भेज दी जाएगी।

दिल्ली में रह
रहे करीब 72 लाख राशन कार्ड धारकों
को इस माह 5 किलो की बजाय 7.5 किलो गेहूं और चावल दिया जाएगा। नाइट सेल्टरों
में दोपहर और रात में मुफ्त भोजन की व्यवस्था की गई है। यहां कोई भी व्यक्ति आकर
खाना खा सकता है। उससे कोई पूछताछ नहीं की जाएगी। इसी तरह, निर्माण कार्य से जुड़े दिहाड़ी मजदूरों को भी लॉक डाउन के
दौरान घर का खर्च चलाने के लिए मुख्यमंत्री ने 5-5 हजार रुपये देने की घोषणा की है। इसके साथ लोगों से लगातार
अपील की जा रही है कि वे एक-दूसरे की मदद करें। इसके परिणाम स्वरूप मदद के लिए
काफी लोग आगे आ रहे हैं। कुछ मकान मालिकों ने लॉक डाउन के दौरान अपने किराएदारों
का किराया नहीं लेने की घोषणा की है। जबकि कुछ कंपनी मालिकों ने कर्मचारियों को
पूरी तनख्वाह देने की घोषणा की है।