मथुरा में अस्पताल में भर्ती पीड़िता ने खाया जहर, बलात्कार का मुख्य आरोपी गिरफ्तार

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उत्तर प्रदेश Updated On :

मथुरा। उत्तर प्रदेश के मथुरा जनपद में मंगलवार को चलती कार में हुई कथित सामूहिक बलात्कार की घटना में पुलिस द्वारा कथित रूप से केवल बलात्कार के मामले में परिवर्तित कर दिए जाने से दुखी पीड़िता ने बृहस्पतिवार को जहर खाकर जान देने की कोशिश की। उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

ताजा घटनाक्रम की जानकारी मिलने पर आगरा क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक ने कोसीकलां पहुंचकर स्वयं पीड़िता का बयान लिया है। दूसरी ओर, पुलिस ने सामूहिक दुष्कर्म के मुख्य आरोपी तेजवीर को गिरफ्तार कर लिया है तथा घटना में प्रयुक्त कार भी बरामद कर ली गई है। आरोपी तेजवीर से पूछताछ की जा रही है।

गौरतलब है कि कोसीकलां क्षेत्र की रहने वाली युवती से मंगलवार को आगरा में पुलिस भर्ती परीक्षा देने के बाद घर लौटते समय पहचान के युवक के आग्रह पर कार में लिफ्ट ले लेने पर गिरफ्तार आरोपी व उसके साथी तीन अन्य साथियों ने कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म किया था। इसके बाद पीड़िता को राजमार्ग के किनारे फेंक कर भाग गए थे।

बताया गया है कि आरोपी युवक से उसकी पहचान कुछ ही दिन पूर्व सोशल मीडिया के माध्यम से हुई थी। इसके अलावा वह बस उसका नाम और फोन नंबर ही जानती थी। घटना की जानकारी मिलने के बाद से ही सक्रिय हुई पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों एवं फोन नंबर के सर्विलांस के माध्यम से मुख्य आरोपी का पता लगाकर उसे बृहस्पतिवार को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त कर ली तथा घटना में प्रयुक्त कार भी बरामद की।

पीड़िता के परिजनों के अनुसार, पुलिस ने कथित सामूहिक दुष्कर्म के मामले को केवल एक व्यक्ति द्वारा दुष्कर्म किए जाने के मामले में बदल दिया है जबकि वास्तविकता इसके परे है। हालांकि, इस मामले में कोसीकलां के थाना प्रभारी संजीव त्यागी से प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी है।

दूसरी ओर, कथित रूप से इस जानकारी पर न्याय मिलने से निराश युवती ने जहर खाकर खुदकुशी करने का प्रयास किया, उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया। घटना की जानकारी पाकर आगरा रेंज के आईजी नचिकेता झा तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. गौरव ग्रोवर ने अस्पताल पहुंचकर युवती का हालचाल लिया और उसे न्याय का आश्वासन दिया।

इस बीच, पुलिस सूत्रों के मुताबिक उत्तर प्रदेश राज्य मानवाधिकार आयोग ने मथुरा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को मामले की जांच किसी क्षेत्राधिकारी स्तर के अधिकारी से कराकर 24 घंटे में रिपोर्ट दिए जाने के निर्देश दिए हैं।



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