बलिया में पंचायत भवन में बैठक के दौरान अधिकारियों के सामने गोलियों से किया छलनी


घटना को लेकर गांव के लोगों में आक्रोश भी बना हुआ है। वायरल वीडियो में साफ़ दिख रहा है कि बैठक के दौरान लोग मौजूद हैं और अचानक एक के बाद एक कई राउंड फायरिंग होने से वहां अफरा-तफरी मच जाती है।


Ritesh Mishra Ritesh Mishra
उत्तर प्रदेश Updated On :

बलिया। उत्तर प्रदेश के बलिया जिले का रेवती क्षेत्र का दुर्जनपुर गांव बृहस्पतिवार को गोलियों की तड़तड़ाहट के थर्रा उठा। सरकारी सस्ते गल्ले के दुकान के चयन को लेकर पंचायत भवन में बैठक के दौरान अधिकारियों के सामने ही गोलियां चलने लगी जिससे वहां लोगों में हड़कंप मच गया और वे जान बचाकर भाग खड़े हुए। वहीं गोली लगने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। पूरी घटना का वीडियो भी वायरल हुआ है।

घटना के बाद से पूरे गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है। एहतियात के तौर पर पूरे क्षेत्र में पुलिस की तैनाती कर दी गई है। घटना को लेकर गांव के लोगों में आक्रोश भी बना हुआ है। वायरल वीडियो में साफ़ दिख रहा है कि बैठक के दौरान लोग मौजूद हैं और अचानक एक के बाद एक कई राउंड फायरिंग होने से वहां अफरा-तफरी मच जाती है।

पुलिस अधीक्षक देवेंद्र नाथ ने बताया कि रेवती थाना क्षेत्र के दुर्जनपुर गांव में बृहस्पतिवार को अपरान्ह सरकारी सस्ते गल्ले के दुकान के चयन को लेकर पंचायत भवन पर बैठक हो रही थी। उन्होंने बताया कि इस चयन के लिये दो स्वयं सहायता समूहों से जुड़े लोग मौजूद थे। उन्होंने बताया कि चयन के दौरान दोनों समूहों से जुड़े लोगों में कहासुनी हो गई।

उन्होंने बताया कि इस बहस-मुबाहिसे के बाद बैठक में मौजूद एसडीएम ने चयन स्थगित कर दिया। उन्होंने बताया कि इसी बीच एक समूह के धीरेंद्र प्रजापति ने गोली चला दी, जिसमें जय प्रकाश उर्फ गामा पाल (46) की मौत हो गई। बताया जाता है कि धीरेन्द्र एक राजनीतिक पार्टी से जुड़ा हुआ है।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस मामले में जय प्रकाश के भाई चंद्रमा की शिकायत पर चार नामजद तथा 15 से 20 अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की सुसंगत धारा में मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि मौके पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है और वहां पर शांति है।

बलिया के दुर्जनपुर में हुई वारदात को लेकर राजनीतिक दलों ने प्रदेश सरकार पर हमला बोला है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने ट्वीट किया है कि “सत्ता दल के नुमाइंदे द्वारा एसडीएम – सीओ के सामने गोली चलाना यह बताता है कि भाजपा सत्ता के नशे में चूर है। यह हत्या महज एक युवक की हत्या नहीं, समूचे कानून – व्यवस्था की हत्या है। मुख्यमंत्री जी ! गोरखपुर लौट जाईये, उप्र के नागरिकों की सुरक्षा आपके बस की बात नहीं।”

वहीं कांग्रेस के रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट किया है “यू.पी में भाजपाईयों को गुंडागर्दी का लाइसेन्स!
जब शासक अपराधी हों,
क़ानून गुंडों की दासी हो,
तो संविधान को रौंदना राजधर्म बन जाता है।”



Related