नाम छिपाकर युवती को भगाने का मामला : अध्यादेश के तहत मऊ में 14 लोगों के खिलाफ केस दर्ज


मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ की अध्‍यक्षता में 24 नवंबर को कैबिनेट की बैठक में इस अध्यादेश को मंजूरी दी गई थी जिसमें विवाह के लिए छल, कपट, प्रलोभन देने या बलपूर्वक धर्मांतरण कराए जाने पर अधिकतम 10 वर्ष के कारावास और जुर्माने का प्रावधान किया गया है।


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उत्तर प्रदेश Updated On :

मऊ। उत्तर प्रदेश में लव जिहाद के बढ़ते मामलों के मद्देनजर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जब अध्यादेश लाए और इसे मंजूरी मिली है, उसके बाद यूपी में एक के बाद एक केस इस अध्यादेश के तहत दर्ज हो रहे हैं। ताजा मामला मऊ जिले का है।

जिले के चिरैयाकोट थाने की पुलिस ने 14 लोगों के खिलाफ उत्तर प्रदेश विधि विरूद्ध धर्म संपविर्तन प्रतिषेध अध्‍यादेश-2020 के अन्तर्गत मामला दर्ज किया गया है। अपर पुलिस अधीक्षक त्रिभुवन नाथ त्रिपाठी ने बताया कि चिरैयाकोट थाना क्षेत्र के मोलनागंज गांव में रहने वाला एक व्यक्ति शबाब खान उर्फ राहुल (38) हिंदू समुदाय की एक लड़की के साथ भाग गया।

उन्होंने बताया कि पुलिस ने इस मामले में शबाब समेत 14 लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 366 (अपहरण) के अलावा उत्‍तर प्रदेश विधि विरूद्ध धर्म संपविर्तन प्रतिषेध अध्‍यादेश 2020 के तहत मामला दर्ज कर लिया है और जांच की जा रही है ।

पुलिस ने बताया कि मामला थाना क्षेत्र के ग्राम मोलनागंज का है, जहां गांव के रहने वाले मुस्लिम समुदाय का व्यक्ति और हिन्दू समुदाय की लड़की घर से भाग गए है। हिंदू नाम राहुल की पहचान के साथ लड़की के घर में काम करने वाला शबाब पहले से ही शादी शुदा है तीन बच्चों का पिता है जबकि 27 साल की लड़की अभी अविवाहित है।

बताया जा रहा है कि लड़की की शादी 30 नवम्बर को होनी थी। जिसमे शादी से एक दिन पूर्व वह शबाब के साथ भाग गयी। परिवार वालों को मामले की जानकारी होने के बाद उन लोगों ने पुलिस में शिकायत दी।

पिता की तहरीर पर बृहस्पतिवार देर रात पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया है और दोनों की तलाश कर रही है। इस नये अध्यादेश के तहत पहला मामला बरेली के एक मुस्लिम युवक के खिलाफ दर्ज किया गया था ।

मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ की अध्‍यक्षता में 24 नवंबर को कैबिनेट की बैठक में इस अध्यादेश को मंजूरी दी गई थी जिसमें विवाह के लिए छल, कपट, प्रलोभन देने या बलपूर्वक धर्मांतरण कराए जाने पर अधिकतम 10 वर्ष के कारावास और जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

अध्यादेश में धर्म परिवर्तन के इच्छुक लोगों को जिलाधिकारी के सामने एक निर्धारित प्रोफॉर्मा पर दो महीने पहले पहले इसकी सूचना देनी होगी और इजाजत मिलने पर वे धर्म परिवर्तन कर सकेंगे। इसमें छह माहीने से तीन साल तक के कैद और 10000 रुपये के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।