सांसद मोहन डेलकर की मौत की वजह का नहीं चला पता, विसरा सुरक्षित

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दक्षिण भारत Updated On :

मुंबई। दादरा और नागर हवेली के सांसद मोहन डेलकर का शव पोस्टमार्टम के बाद उनके परिजन को सौंप दिया गया। मुंबई के एक होटल में वह मृत पाए थे। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि मौत की वजह का पता लगाने के लिए उनका विसरा सुरक्षित रखा गया है।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि दादरा और नागर हवेली के 58 वर्षीय सांसद डेलकर का शव सोमवार को दक्षिणी मुंबई के एक होटल में छत के पंखे से लटका मिला था। उन्होंने कहा कि गुजराती में लिखा सुसाइड नोट भी संबंधित स्थल से बरामद हुआ।

इस घटना की जानकारी मिलने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और एक फॉरेंसिक टीम घटनास्थल पर पहुंची। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि सरकारी जेजे अस्पताल में पोस्टमार्टम किया गया और इसके बाद शव को परिवार के सदस्यों को सौंप दिया गया। परिवार के सदस्य दादरा और नागर हवेली से यहां पहुंचे थे।

कोलाबा खंड के एक सहायक आयुक्त इस मामले की जांच कर रहे हैं। डेलकर दादरा और नागर हवेली से सात बार सांसद निर्वाचित हुए। वह सातवीं बार वर्ष 2019 में निर्वाचित हुए। डेलकर को 1989,1991 और 1996 के चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार और 1998 में भाजपा उम्मीदवार के रूप में सफलता मिली थी।

वह दोबारा कांग्रेस में शामिल हो गए और 2009 और 2014 के लोकसभा चुनाव में उम्मीदवार तो बने लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। वह कार्मिक, लोक शिकायत, विधि एवं न्याय मामलों संबंधी लोकसभा की स्थायी समिति के सदस्य थे। वहीं वह गृह मंत्रालय संबंधी निम्न सदन की सलाहकार समिति के सदस्य भी थे। डेलकर के परिवार में उनकी पत्नी, एक बेटा और एक बेटी है।