तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय ने पोंगल पर जारी की फसलों की 11 नयी किस्में


तमिलनाडु के उत्तरी जिलों के लिए जारी चार बागवानी फसलों में बैंगन वीआरएम (बीआार-2) ,दूध-मुक्त कटहल पीएलएल 3, रसोई और औषधीय उद्देश्य के लिए कोडमपुली / मालाबार इमली पीपीआई (के) 1 तथा बेल पीकेएम 1 शामिल है।


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दक्षिण भारत Updated On :

नई दिल्ली। कृषि उत्पादकता और लाभप्रदता बढ़ाने के प्रयासों के तहत, तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय (टीएनएयू) ने पोंगल के उपहार के रूप में बृहस्पतिवार को विभिन्न तरह की फसलों की 11 नयी किस्में जारी कीं। इनमें छह प्रकार की कृषि, चार बागवानी और एक वानिकी फसल है।

विश्वविद्यालय की एक प्रेस विज्ञप्ति में यहां कहा गया है कि इन किस्मों को राज्य के कृषि उत्पादन आयुक्त और प्रधान सचिव गगनदीप सिंह बेदी और टीएनएयू के कुलपति डॉ एन कुमार की अध्यक्षता में 51 वीं राज्य विविधता रिलीज़ कमेटी की सिफारिशों के आधार पर जारी किया गया।

इनमें तमिलनाडु के लिए विकसित की गयी धान की तीन किस्में हैं। इसके अलावा बारानी क्षेत्रों के लिए रागी एटीएल 1, और वरागू एटीएल 1 किस्त जारी की गयी है।

उड़द सीओ 7 पीले मोज़ेक वायरल रोग के लिए प्रतिरोधी है और वर्षा आधारित और सिंचित दोनों क्षेत्रों में उगायी जा सकती है।

तमिलनाडु के उत्तरी जिलों के लिए जारी चार बागवानी फसलों में बैंगन वीआरएम (बीआार-2) ,दूध-मुक्त कटहल पीएलएल 3, रसोई और औषधीय उद्देश्य के लिए कोडमपुली / मालाबार इमली पीपीआई (के) 1 तथा बेल पीकेएम 1 शामिल है।

विश्वविद्यालय ने सामाजिक वानिकी के लिए मलाईवेम्पू (मालाबार नीम) पौधा एमटीपी 3 जारी किया। विश्वविद्यालय ने पिछले 100 वर्षों में 854 फसल किस्मों को जारी किया है।