कर्नाटक में बस हड़ताल के मद्देनजर रेलवे ने चलाई स्पेशल ट्रेन

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दक्षिण भारत Updated On :

बेंगलुरु। कर्नाटक में वेतन संबंधी मुद्दों को लेकर सड़क परिवहन निगम (आरटीसी) के चालकों और परिचालकों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के मद्देनजर राज्य सरकार के अनुरोध पर रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए बृहस्पतिवार को विशेष ट्रेनें शुरू की।

कर्नाटक के मुख्य सचिव के अनुरोध पर रेलवे बोर्ड ने राज्य में विभिन्न गंतव्यों के लिए 14 अप्रैल तक विशेष ट्रेनें चलाने की अनुमति दी है। दक्षिण पश्चिम रेलवे (एसडब्ल्यूआर) ने बृहस्पतिवार को हुबली से यशवंतपुर के लिए 16 डिब्बों वाली एक विशेष ट्रेन चलाने का फैसला किया है। शुक्रवार और शनिवार को नौ-नौ विशेष ट्रेनें चलाई जाएंगी।

राज्य में शुक्रवार को यशवंतपुर से बीजापुर, यशवंतपुर से बेलगावी, मैसूरु से बीदर, बेंगलुरु सिटी रेलवे स्टेशन से मैसूरु तथा मैसूरु से बेंगलुरु सिटी रेलवे स्टेशन, मैसूरु से यशवंतपुर तथा यशवंतपुर से मैसूरु, यशवंतपुर से शिवमोगा और यशवंतपुर से कारवाड़ के बीच नौ ट्रेनें चलाई जाएंगी।

वहीं, शनिवार को यशवंतपुर से बेलगावी, बीदर से मैसूरु, यशवंतपुर से बीदर, बेंगलुरु सिटी रेलवे स्टेशन से मैसूरु तथा मैसूरु से बेंगलुरु सिटी रेलवे स्टेशन, मैसूरु से यशवंतपुर तथा यशवंतपुर से मैसूरु, शिवमोगा से बेंगलुरु सिटी रेलवे स्टेशन और कारवाड़ से यशवंतपुर के बीच नौ ट्रेनें चलाई जाएंगी।

इसके बाद, 11 अप्रैल यानी रविवार को बेलगावी से यशवंतपुर और बीदर से यशवंतपुर के बीच दो ट्रेनें चलेंगी। 12 और 13 अप्रैल को कोई विशेष ट्रेन नहीं चलाई जाएगी। 14 अप्रैल को बेलगावी से यशवंतपुर, बेंगलुरु सिटी रेलवे स्टेशन से मैसूरु तथा मैसूरु से बेंगलुरु सिटी रेलवे स्टेशन, मैसूरु से यशवंतपुर तथा यशवंतपुर से मैसूरु के बीच पांच विशेष ट्रेनें चलाई जाएगी।

गौरतलब है कि बीएमटीसी, कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन निगम (केएसआरटीसी), उत्तरी पश्चिमी कर्नाटक सड़क परिवहन निगम (एनडब्ल्यूकेआरटीसी) और उत्तर पूर्वी कर्नाटक सड़क परिवहन निगम (एनईकेआरटीसी) के कर्मियों ने कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन कर्मचारी लीग के बैनर तले सात अप्रैल से हड़ताल का आह्वान किया था।

सरकार द्वारा आरटीसी कर्मचारियों के लिए छठे वेतन आयोग के तहत वेतनमान लागू नहीं किये जाने के खिलाफ राज्य में विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। हालांकि सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि परिवहन कर्मियों के लिए छठे वेतन आयोग को लागू करना संभव नहीं है। अंतरिम राहत के तौर पर वेतन में आठ प्रतिशत की बढ़ोतरी देने पर वह राजी है।