गुरू तेग बहादुर ने गलत के सामने कभी नहीं झुकने का संदेश दिया: गहलोत


सीएम गहलोत पीएम मोदी की अध्यक्षता में आयोजित गुरू तेग बहादुर जी की 400वीं जयंती समारोहों की उच्च स्तरीय समिति की पहली ऑनलाइन बैठक में बोल रहे थे।


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राजस्थान Updated On :

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बृहस्पतिवार को कहा कि सिख गुरू तेग बहादुर ने केवल धर्म पालन के लिए ही नहीं अपितु समस्त मानवीय सांस्कृतिक विरासत की खातिर बलिदान दिया था।

गहलोत ने कहा कि दिल्ली का शीशगंज गुरूद्वारा साहिब आज भी हमें याद दिलाता है कि चाहे अधर्म कितना भी बढ़ जाए सत्ता अपने आप को कितना भी मजबूत समझे लेकिन यदि वो गलत है तो उसके सामने कभी नहीं झुकना चाहिए।

वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित गुरू तेग बहादुर जी की 400वीं जयंती समारोहों की उच्च स्तरीय समिति की पहली ऑनलाइन बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि गुरू तेग बहादुर ने हमारी संस्कृति की महान परंपरा का निर्वहन करते हुए अपनी शहादत दी थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरू तेग बहादुर की 400वीं जयंती जैसे अवसर हमें महापुरूषों के कृतित्व व व्यक्तित्व को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की जिम्मेदारी का अहसास कराते हैं।

उन्होंने कहा कि गुरू तेग बहादुर ने लोगों को प्रेम, एकता और भाईचारे का संदेश दिया। देश और दुनिया में आज जो चुनौतियां हमारे सामने हैं, उनका मुकाबला हम शांति, सद्भाव और समरसता के माध्यम से ही कर सकते हैं।

गहलोत ने बैठक के दौरान प्रधानमंत्री से अनुरोध किया कि विभिन्न मांगों को लेकर देशभर में लंबे समय से चल रहे किसान आंदोलन का इस पुनीत अवसर पर कोई सार्थक हल निकाला जाए।

मुख्यमंत्री ने बैठक में सुझाव दिया कि गुरू तेग बहादुर की 400वीं जयंती के उपलक्ष्य में वर्षभर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से आयोजित करने के लिए समितियों का गठन किया जाए। ये समितियां कोविड-19 के दृष्टिगत कार्यक्रमों का सफलतापूर्वक आयोजन सुनिश्चित करें।



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