कोरोना वायरस से पिता की मौत के बाद जलती चिता में कूदी बेटी, हालत गंभीर


अचानक दामोदर दास की 30 साल की बेटी चंद्रा शारदा ने जलती चिता में छलांग लगा दी। यह देखकर वहां मौजूद अन्य परिजनों के हाथ पांव फूल गये, लेकिन चन्द्रा की बड़ी बहिन 35 वर्षीय पिंकी उसे चिता से निकालने में जुट गई। जब तक चन्द्रा को चिता से निकाला गया तब तक वह 70 फीसदी से अधिक जल चुकी थी।


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राजस्थान Updated On :

बाड़मेर। राजस्थान के बाड़मेर जिले में 34 साल की एक युवती कोरोना वायरस संक्रमण से मृत्यु के शिकार अपने पिता की जलती चिता में कूद गई। पुलिस के अनुसार यह घटना मंगलवार शाम की है। पुलिस ने युवती को सरकारी अस्पताल पहुचाया जहां गंभीर हालत के कारण उसे जोधपुर भेज दिया गया।

जानकारी के अनुसार कोरोना संक्रमित दामोदरदास (73) की मंगलवार सुबह मौत हो गयी। बाड़ेमर शहर पुलिस थाने के प्रभारी प्रेम प्रकाश ने बताया कि दामोदरदास के तीन बेटियां हैं। सबसे छोटी बेटी चंद्रकला (34) ने अंत्येष्टि स्थल पर जाने की जिद की क्योंकि परिवार में कोई पुरुष सदस्य नहीं है।

वहां पर वह अपने पिता की जलती चिता में कूद गई। मौजूद लोगों ने किसी तरह से उसे वहां से निकाला और पुलिस व एंबुलेंस को बुलाया। उसे बाड़मेर के सरकारी अस्पताल में भेजा गया। पुलिस का कहना है कि प्राथमिक उपचार के बाद चंद्रकला को जोधपुर भेज दिया गया।

भारत-पाक सीमा से सटे सरहदी बाड़मेर जिले के जिला मुख्यालय पर स्थित रॉय कॉलोनी निवासी दामोदर दास शारदा की कोविड-19 की वजह से मौत हो गई थी। घरवालों ने जिला मुख्यालय के श्मशान घाट पर उनके अंतिम संस्कार की तैयारियां पूरी की, चिता को मुखाग्नि दी गई। परिजन पास में बैठकर चिता को देखने लगे, इस दौरान दामोदरदास की बेटियां भी वहां मौजूद थी।

अचानक दामोदर दास की 30 साल की बेटी चंद्रा शारदा ने जलती चिता में छलांग लगा दी। यह देखकर वहां मौजूद अन्य परिजनों के हाथ पांव फूल गये, लेकिन चन्द्रा की बड़ी बहिन 35 वर्षीय पिंकी उसे चिता से निकालने में जुट गई। जब तक चन्द्रा को चिता से निकाला गया तब तक वह 70 फीसदी से अधिक जल चुकी थी। परिजनों ने उसे तुंरत राजकीय चिकित्सालय पहुंचाया। 70 फीसदी से अधिक जल जाने के कारण चंद्रा की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।