मुंबई बारिश: ठाणे, पालघर में भारी बारिश, मुंबई में बारिश से 30 लोगों की मौत


मुंबई में सोमवार को लोगों को भारी बारिश से थोड़ी राहत मिली और लोकल ट्रेन तथा बस सेवाएं एक बार फिर सामान्य होती दिखीं। भारी बारिश के कारण हुए हादसों में रविवार को मुंबई में 30 लोगों की मौत हो गई थी।



ठाणे/पालघर। मुंबई में सोमवार को लोगों को भारी बारिश से थोड़ी राहत मिली और लोकल ट्रेन तथा बस सेवाएं एक बार फिर सामान्य होती दिखीं। भारी बारिश के कारण हुए हादसों में रविवार को मुंबई में 30 लोगों की मौत हो गई थी।

अधिकारियों ने बताया कि रविवार को मूसलाधार बारिश के कारण कई स्थानों पर पानी भर गया था, जिस कारण लोकल ट्रेन तथा बस सेवाएं प्रभावित हुई थीं।

चेंबूर के माहुल इलाके में रविवार को भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन में एक परिसर की दीवार ढहने और कुछ मकानों पर गिरने से उसके नीचे दबकर 19 लोगों की मौत हो गई थी। मुंबई के विक्रोली उपनगर में भूस्खलन के चलते छह कच्चे मकानों के ढह जाने से 10 लोगों की मौत हो गई थी। वहीं, उपनगर भांडुप में वन विभाग परिसर की दीवार ढह जाने से 16 वर्षीय लड़के की मौत हो गई।

बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के एक अधिकारी ने सोमवार को बताया कोई और हादसा नहीं हुआ है।

मुंबई के पूर्वी उपनगरों में सोमवार सुबह आठ बजे तक पिछले 24 घंटे की अवधि में सबसे अधिक 90.65 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि द्वीप शहर में 48.88 मिमी बारिश और पश्चिमी उपनगरों में 51.89 मिमी बारिश हुई।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने इससे पहले सोमवार को मुंबई के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया था और ‘‘ कुछ स्थानों पर भारी से बहुत अधिक भारी बारिश का पूर्वानुमान लगाया था।’’

बीएमसी के अधिकारियों ने बताया कि शहर और उपनगरों में मध्यम से भारी बारिश/गरज के साथ छींटे पड़ने और कुछ स्थानों पर बहुत भारी से अत्यधिक भारी बारिश का पूर्वानुमान है।

मध्य रेलवे एवं पश्चिम रेलवे के प्रवक्ताओं ने बताया कि रविवार को भारी बारिश के कारण पानी भर जाने से कुछ घंटे के लिए लोकल ट्रेन सेवाएं बंद करनी पड़ी थी, लेकिन अब वे सामान्य रूप से चल रही हैं।

नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि ‘बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट’ (बेस्ट) की बस सेवाएं भी अब सामान्य हैं।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने रविवार शाम किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए विभिन्न सरकारी एजेंसियों की तैयारियों का जायजा लिया था। मुख्यमंत्री ने सभी एजेंसियों को अत्याधिक सतर्क रहने का निर्देश दिया था और अधिकारियों को भूस्खलन संभावित इलाकों तथा जीर्णशीर्ण भवनों पर नजर रखने को भी कहा था।

वहीं महाराष्ट्र के ठाणे और पालघर जिले में रविवार को रातभर और सोमवार सुबह भारी बारिश हुई जिससे कई जगहों पर बहुत अधिक पानी भर गया और एक बच्चे की डूबने से जान चली गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

स्थानीय नगर निकाय के नियंत्रण कक्ष से एक अधिकारी ने बताया कि ठाणे में रविवार रात साढ़े नौ बजे से सोमवार सुबह साढ़े सात बजे के बीच 151.33 मिमी बारिश हुई। अधिकारियों ने बताया कि पड़ोस के पालघर जिले में इस दौरान 108.67 मिमी बारिश हुई। अधिकारियों ने बताया कि दमकल और आपदा प्रकोष्ठ की टीम को दोनों जिलों से पेड़ों के गिरने और जलभराव को लेकर कई फोन आए।

पुलिस नियंत्रण कक्ष से एक अधिकारी ने बताया कि रविवार को ठाणे के उल्हासनगर में उफनते नाले में चार साल का बच्चा डूब गया। उन्होंने बताया कि बच्चे के शव को बाद में नाले से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल भेजा गया। उन्होंने बताया कि इस संबंध में दुर्घटनावश मौत का मामला दर्ज किया गया है।

ठाणे शहर में घोड़बंदर रोड पर एक आवासीय परिसर में रविवार शाम 40 वर्षीय वाचमैन पर पेड़ गिर जाने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। नगर निकाय के अधिकारियों ने बताया कि इसके अलावा घोड़बंदर रोड पर ही स्थित एक आवासीय परिसर की दीवार ढह जाने से पांच कारों और कई अन्य वाहनों को नुकसान पहुंचा।

ठाणे महानगरपालिका के क्षेत्रीय आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के प्रमुख संतोष कदम ने बताया कि कुछ निचले इलाकों में भी दीवार ढहने और बाढ़ जैसी स्थिति की सूचना है।

पालघर में वसई और नालासोपारा में कई जगहों पर भारी बारिश हुई जिससे निचले इलाकों में जलजमाव हो गया। वसई-विरार नगर निगम के प्रमुख दमकल अधिकारी दिलीप पालव ने बताया कि नालासोपारा में चार साल का एक बच्चा खुले नाले में गिर गया जिसके डूबने की आशंका है। बच्चे को ढूंढने का प्रयास जारी है।

स्थानीय पुलिस ने बताया कि पालघर के वसई इलाके में बाढ़ के पानी में घरेलू गैस के कम से कम 80 सिलेंडर बह गए। उन्होंने बताया कि बाद में दमकलकर्मियों की मदद से सिलेंडरों को सुरक्षित जगह पहुंचाया गया।



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