केंद्र को इस तरह की शर्मिंदगी से बचने के लिए अन्य दलों को विश्वास में लेना चाहिए :उद्धव ठाकरे

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महाराष्ट्र Updated On :

मुंबई। विवादास्पद कृषि कानूनों को निरस्त करने की केंद्र की घोषणा के कुछ घंटों बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने शुक्रवार को केंद्र सरकार को भविष्य में इस तरह की ‘शर्मिंदगी’ से बचने के लिए अब से अन्य दलों को विश्वास में लेने की सलाह दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार सुबह घोषणा की कि तीन कृषि कानूनों को संसद के आगामी सत्र में निरस्त कर दिया जाएगा।

ठाकरे ने केंद्र के फैसले का स्वागत करते हुए कहा, ‘‘तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने की घोषणा देश में आम आदमी की ताकत को रेखांकित करता है। केंद्र सरकार को आज जैसी शर्मिंदगी से बचने के लिए बातचीत करनी चाहिए और अन्य दलों को विश्वास में लेना चाहिए। ’’

उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि तीन कृषि कानूनों को वापस लेने की वास्तविक प्रक्रिया जल्द पूरी होगी। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘ इन कानूनों के खिलाफ पूरे देश में नाराजगी है। आंदोलन हो रहा और वे (प्रदर्शनकारी किसान) अब भी वहां (दिल्ली की सीमाओं पर) हैं। कई किसानों, जो अन्नदाता हैं, ने जान गंवा दी। यहां तक राज्य की महाविकास आघाडी सरकार ने कृषि कानूनों पर आपत्ति जताई। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘इन कानूनों, उनके प्रावधानों और संभावित समस्याओं पर महाराष्ट्र विधानसभा के सत्रों के दौरान विस्तार से चर्चा हुई। मैं आने वाले समय में इन कानूनों को वापस लेने के केंद्र सरकार के फैसले का स्वागत करता हूं। ’’



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