हजारों जख्म देकर किसानों को MSP का मरहम लगाने का ढोंग कर रही मोदी सरकार: राजन

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हरियाणा Updated On :

गुरुग्राम। हरियाणा प्रदेश कांग्रेस समिति की अध्यक्ष, कुमारी सैलजा के राजनैतिक सचिव व दक्षिण हरियाणा के प्रभारी राजन राव ने कहा कि भाजपा की मोदी सरकार हजारों जख्म देकर देश के अन्नदाता को एमएसपी का थोड़ा सा मरहम लगा रही है, लेकिन सरकार यह भूल रही है कि इससे सरकार के जख्म भरने वाले नहीं। भाजपा सरकार अन्नदाता को इतने जख्म दे चुकी है कि वो किसी भी मरहम से भरने वाले नहीं।

अगर सरकार इन्हें भरना ही चाहती है तो तीनों काले कृषि कानूनों को तत्काल रद्द कर एमएसपी को कानूनी रूप प्रदान करे। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से एमएसपी ऊंट के मुंह में जीरा है। आज डीजल के भाव आसमान छू गए हैं। आए दिन पेट्रोल डीजल के दाम बढ़ रहे हैं। जाहिर है ऐसे में खेती की लागत में कई गुणा इजाफा हुआ है।

एमएसपी बढ़ाकर सरकार किसानों पर कोई अहसान नहीं कर रही, यह तो सरकारी प्रावधान है कि प्रत्येक सीजन में सरकार को फसलों के दाम तय करने ही पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि पेट्रोल डीजल के दाम नियंत्रित करने में सरकार कोई रुचि नहीं ले रही। जब तक पेट्रोल डीजल के दाम बढ़ते रहेंगे, किसान तो क्या देश का आम नागरिक चैन की सांस नहीं ले सकता।

अगर सरकार इस मुगालते में है कि एमएसपी बढ़ाकर वह आंदोलन को फेल कर देगी तो यह उसकी गलतफहमी है। उन्होंने कहा कि कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने एक बार फिर किसानों को वार्ता के लिए बुलाया है लेकिन इसके लिए कुछ भी तय नहीं किया। किसानों पर वार्ता फेल होने का दोषारोपण कर दिया। मंत्री कह रहे हैं कि तर्क के साथ वार्ता में आए।

जब किसान कह चुका है कि वह तीनों कृषि कानूनों को रद्द करवाना चाहता है तो उसकी बात मान क्यों नहीं ली जा रही। तीनों कृषि कानूनों को रद्द कर और एमएसपी का कानून बनाकर सारे मसले को हल किया जा सकता है, लेकिन सरकार ऐसा कुछ भी नहीं करना चाहती। सरकार की नियत में खोट है। अगर सरकार ने तीनों कृषि कानून रद्द नहीं किए तो बंगाल की तरह ही यूपी में भी उसे हाथ मलना पड़ेगा।