कोविड-19 को लेकर संवाद ‘चिंता से चिंतन तक, स्वस्थ्य समाज का निर्माण’

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दिल्ली Updated On :

नई दिल्ली। समाजिक संस्था दैन्यम् आराध्यम् और मेडिवेज हेल्थ फाउंडेशन की तरफ से कोविड 19 को लेकर एक संवाद सत्र का आयोजन किया गया। नई दिल्ली के रफी मार्ग पर स्थित कॉस्टीट्यूशन क्लब में ‘चिंता से चिंतन तक…स्वस्थ्य समाज का निर्माण’ विषय पर आयोजित इस संवाद सत्र में देश भर से कई गणमान्य बुद्धिजीवियों ने अपने विचार रखें।

कार्यक्रम का संयोजन दूरदर्शन समाचार के वरिष्ठ पत्रकार मनीष बाजपेई ने किया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के अखिल भारतीय कार्यकारिणी के सदस्य इंद्रेश कुमार भी मौजूद रहें।

इंद्रेश कुमार ने कोविड-19 समस्या पर अपने विचार रखते हुए कहा कि हमें समस्या के मूल में जाने की जरुरत है, आखिर समस्या पैदा कैसे हुईं? आज आवश्यकता इस बात की है कि हमें स्वयं के बारे में चिंतन करना चाहिए कि हमारे गुण और दोष क्या हैं? हम अपने मूल्यों और संस्कारों से कैसे भटक रहे हैं? हम अपने पारम्परिक ज्ञान का अनुसरण क्यों नहीं कर रहें है? इन सभी प्रश्नों के जब हमें उत्तर मिलेगें तो हम स्वयं ही समस्या के समाधान बन जाएगें।

कोरोना महामारी को लेकर उन्होंने अपने विचारों के माध्यम से एक व्यापक चित्र खींचते हुए वैक्सीनेशन को लेकर कहा कि देश एक विशाल लक्ष्य को प्राप्त कर चुका है और यात्रा अभी चल रही है। सरकार को इसके लिए धन्यवाद लेकिन पूर्ण रुप से टीकाकरण के लिए समाज को भी इसमें अपनी जागरुकता दिखानी होगी।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने कहा कि कोविड टीकाकरण को लेकर जिस तरह से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार ने एक विशाल लक्ष्य को तय किया है, वो निश्चित रुप से सरकार की समाज के प्रति जवाबदेही को दर्शाती है लेकिन यात्रा चल रही है और इस पर पूर्ण रुप से विजय पाने के लिए समाज के एक एक व्यक्ति को इसमें अपनी सक्रिय भूमिका निभानी होगी।

उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद के अध्यक्ष कैप्टन विकास गुप्ता ने कहा कि दुनिया के सामने उपस्थिति इस अभूतपूर्व समस्या को देश के विकासक्रम से जोड़ा। गांव, किसान और ग्रामीण जीवन की अच्छी समझ रखने वाले कैप्टन विकास गुप्ता ने कोरोना महामारी के दौरान हुए अनुभवों से कार्यक्रम में उपस्थित महानुभावों को परिचित करवाया।

कार्यक्रम में हेल्थ पार्टनर के रुप में उपस्थित हुए नियो हॉस्पिटल नोएडा के निदेशक डॉ. गुलाब गुप्ता ने जहां एक तरफ कोरोना महामारी के रोकथाम के लिए सरकार के प्रयासों को सकारात्मक बताया वहीं दूसरी तरफ समाज की जवाबदेही को भी तय करने के लिए कहा।

समाज के प्रत्येक व्यक्ति के सम्पूर्ण रुप से टीकाकृत होने में समाज का व्यक्ति लापरवाही कर रहा है। कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज लेने में कई लोग जागरुकता नहीं दिखा रहे हैं। अगर ये तस्वीर हमारे सामने दिख रही है तो फिर ऐसे लोगों के विरुद्ध सरकार को कड़ी कारवाई करनी चाहिए।

प्रसिद्ध समाज सेवी डॉ. गुलाब गुप्ता ने कहा कि ये जंग सम्पूर्ण रुप से तब ही जीती जा सकती है जब समाज का एक एक व्यक्ति जुड़ेगा। बरेली के खुशलोक हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. विनोद पागरानी ने भी कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रुप में अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई और कार्यक्रम संयोजन के लिए दैन्यम् आराध्यम् और मेडिवेज़ हेल्थ फाउंडेशन संस्था का हार्दिक धन्यवाद ज्ञापित किया।

हिन्दुस्तान समाचार पत्र के कार्यकारी संपादक प्रताप सोमवंशी ने पत्रकारिता जगत के अपने अनुभव और स्वंय के कुछ द्रष्टान्तों को सामने रखते हुए कोरोना महामारी को लेकर समाज में किए जा रहे प्रयासों को एक तरफ जहां सराहा वहीं कुछ त्रुटियों की तरफ ध्यान भी देने की जरुरत पर बल दिया।

संवाद सत्र में एक बात जो मुख्य रुप से सामने निकल कर आई कि सरकार के साथ और स्वास्थ्य जगत के साथ मिलकर व्यवसायिक जगत ने इस आपदा में तिहरी जिम्मेदारी निभाई। उन्होंने स्वास्थ्य जगत की मदद से अधिकतम मानवसंसाधन को सुरक्षित तो रखा ही। साथ ही सरकार की अपील पर हर कदम पर मदद के लिए मोर्चे पर मौजूद रहा। हालात संभलते ही देश की अर्थव्यवस्था को एक बार फिर से तेज रफ्तार पर डाल दिया है।

सरकार, व्यवसायिक जगत और स्वास्थ्य जगत के अटूट बंधन ने देश को एक नई दिशा दिखाई है कि कैसे कंधे से कंधा मिलाकर संकट से उबरा जा सकता है। देश में कोरोना की दोनों लहर में दुखद जनहानि हुई, लेकिन राहत की बात ये रही कि महामारी ने हमें सरकार, समाज और स्वास्थ्य जगत के मानवीय चेहरे से रुबरु कराया। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों ने दैन्यम् आराध्यम् और मेडिवेज हेल्थ फाउंडेशन को कार्यक्रम आयोजन के लिए धन्यवाद दिया।