बीडब्ल्यूएफ ने अध्यक्ष के अधिकतम चार कार्यकाल सीमित किए


एजीएम के दौरान बीडब्ल्यूएफ सदस्यों ने संविधान में बदलाव को स्वीकृति दी जिससे परिषद में प्रत्येक लिंग को कम से कम 30 प्रतिशत प्रतिनिधित्व और प्रत्येक महाद्वीपीय क्षेत्र से एक प्रतिनिधि चुना जाना सुनिश्चित हुआ।


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नई दिल्ली। विश्व बैडमिंटन महासंघ (बीडब्ल्यूएफ) ने अपने अध्यक्ष के कार्यकाल को अधिकतम चार बार के लिए सीमित कर दिया है और साथ ही अपनी वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में अपनी परिषद में ‘भौगोलिक और लैंगिक प्रतिनिधित्व’ को लागू करने को भी स्वीकृति दी।

शनिवार को हुई ऑनलाइन एजीएम के दौरान बीडब्ल्यूएफ सदस्यों ने संविधान में बदलाव को स्वीकृति दी जिससे परिषद में प्रत्येक लिंग को कम से कम 30 प्रतिशत प्रतिनिधित्व और प्रत्येक महाद्वीपीय क्षेत्र से एक प्रतिनिधि चुना जाना सुनिश्चित हुआ।

कोरोना वायरस महामारी के कारण अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन फिलहाल निलंबित है। बीडब्ल्यूएफ ने बाकी बचे अंतरराष्ट्रीय सत्र को बचाने के लिए मई में संशोधित कार्यक्रम जारी किया था। हालांकि वैश्विक स्वास्थ्य संकट में नरमी का संकेत नहीं मिला है जिससे संशोधित कार्यक्रम में से भी कई प्रतियोगिताओं को रद्द कर दिया गया है।

यह फैसले अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) के हाल के राष्ट्रीय ओलंपिक समितियों (एनओसी) को दिए निर्देशों के अनुसार है जिसमें 2020 तक फैसले लेने की प्रक्रिया में लैंगिक समानता बनाने को कहा गया है।

बीडब्ल्यूएफ अध्यक्ष पाउल एरिक होयेर ने कहा, ‘‘मैं सदस्यों को बधाई देना चाहता हूं कि उन्होंने संविधान में बदलाव के ऐतिहासिक फैसले को स्वीकृति दी जिससे कि बीडब्ल्यूएफ परिषद में लैंगिक समानता सुनिश्चित हो सके। आज हुई आनलाइन एजीएम में संचालन संबंधी जरूरतों को पूरा करने की स्वीकृति दी गई जिससे कि हर साल 31 जुलाई से पहले एजीएम का आयोजन कर सकें।’’

होयेर ने साथ ही बताया कि ग्रीष्मकालीन ओलंपिक अंतरराष्ट्रीय महासंघों की संचालन समीक्षा में बीडब्ल्यूएफ तीसरे स्थान पर रहा। कोरोना वायरस महामारी के कारण अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन फिलहाल निलंबित है। बीडब्ल्यूएफ ने बाकी बचे अंतरराष्ट्रीय सत्र को बचाने के लिए मई में संशोधित कार्यक्रम जारी किया था। हालांकि वैश्विक स्वास्थ्य संकट में नरमी का संकेत नहीं मिला है जिससे संशोधित कार्यक्रम में से भी कई प्रतियोगिताओं को रद्द कर दिया गया है।