पार्टी हाईकमान के निर्णय को मानेंगे येदियुरप्पा, या “ऑपरेशन योगी” की तरह असफल होगा “ऑपरेशन येदियुरप्पा”


कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ने खुद को पद से हटाए जाने की संभावना पर रविवार को कहा कि आज शाम भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) आलाकमान से निर्देश मिलने के बाद वह उचित निर्णय लेंगे।


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बेलगावी। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा अपनी कुर्सी बचा पायेंगे या उनके स्थान पर किसी दूसरे को मुख्यमंत्री बनाने में भाजपा हाईकमान सफल होगा। इस पर सब की निगाहें लगी हैं। येदियुरप्पा अपनी कुर्सी बचाने के लिए हर वो दांव चल रहे हैं जिससे केंद्रीय हाईकमान की स्थिति असहज हो सकती है।

लेकिन आज शाम तक कर्नाटक मसले पर निर्णय होना है। दिल्ली से बिना कोई संदेश मिले ही येदियुरप्पा ने अपना मंतव्य प्रकट कर दिया है। उत्तर प्रदेश ऑपरेशन योगी के असफल होने के बाद पार्टी हाईकमान अपना हर कदम फूंक-फूंककर रख रही है।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ने खुद को पद से हटाए जाने की संभावना पर रविवार को कहा कि आज शाम भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) आलाकमान से निर्देश मिलने के बाद वह उचित निर्णय लेंगे।

दिल्ली से पार्टी आलाकमान से आज शाम तक निर्देश प्राप्त हो जाने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, “शाम तक अगर निर्देश मिलेंगे तो आपको भी इसके बारे में पता चल जाएगा, एक बार निर्देश मिल जाने पर मैं उचित निर्णय लूंगा।’’

बेंगलुरु में रविवार को हो रहे संत समागम के बारे में पूछे जाने पर येदियुरप्पा ने कहा, “संतों को किसी तरह की बैठक करने की जरूरत नहीं है, मुझे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा पर भरोसा है।”

उल्लेखनीय है कि संत समागम के आयोजन को येदियुरप्पा के साथ एकजुटता प्रदर्शित करने के तौर पर देखा जा रहा है।

उनके स्थान पर दलित मुख्यमंत्री लाए जाने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, “मैं इसके बारे में फैसला नहीं ले सकता हूं, यह फैसला आलाकमान करेगा। पहले यह देखना होगा कि वे आज क्या फैसला लेते हैं।”

यह पूछने पर कि क्या वह अपने दो वर्षों के काम से संतुष्ट हैं, उन्होंने कहा, “अगर आप संतुष्ट हैं तो मेरे लिए यह काफी है।”

यह संकेत देते हुए कि सोमवार रात मुख्यमंत्री के पद पर उनका आखिरी दिन होगा, येदियुरप्पा ने हाल में कहा था कि केंद्रीय नेताओं द्वारा 25 जुलाई को निर्देश मिलने के आधार पर वह 26 जुलाई से “अपना काम” शुरू करेंगे। उनकी सरकार 26 जुलाई को अपने दो साल पूरे करेगी।

इस बीच, रविवार को यहां हो रहे विशाल संत समागम में कई संतों के भाग लेने की उम्मीद है, जो येदियुरप्पा को पद से हटाए जाने के भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के संभावित निर्णय के बीच हो रहा है।

येदियुरप्पा बाढ़ एवं बारिश से प्रभावित बेलागावी जिले में राहत एवं बचाव अभियान की समीक्षा करने के लिए यहां हैं।  वह बारिश और बाढ़ से प्रभावित लोगों से मुलाकात करने और कुछ प्रभावित गांवों का दौरा करने तथा वहां की स्थिति का विश्लेषण करने के बाद बेंगलुरु वापस जाएंगे।