इतिहास में आज : गांधी-इरविन संधि के बाद सविनय अवज्ञा आंदोलन समाप्त…और क्या-क्या हुआ था 5 मार्च के दिन खास !


गांधी-इरविन संधि के बाद गांधी जी ने अपना सविनय अवज्ञा आंदोलन समाप्त कर दिया।


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ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार चार मार्च का दिन वर्ष का 64वां दिन है। लीप वर्ष होने पर यह साल का 65वां दिन होगा। अभी साल में 301 दिन बाकी हैं। यह दिन भी साल के बाकी दिनों की तरह ही कई अच्छी बुरी घटनाओं के साथ इतिहास के पन्नों में दर्ज है।

5 मार्च की तारीख पर इतिहास में दर्ज महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्यौरा इस प्रकार है:

1046 : नासिर खुसरो ने अपने मध्यपूर्व सफ़र का आगाज किया और छह साल की इस यात्रा के बाद उन्होंने सफ़रनामा की रचना की, जिसे आज भी फ़ारसी भाषा की श्रेष्ठतम कृतियों में गिना जाता है।

1699 : महाराजा जय सिंह द्वितीय आमेर के सिंहासन पर बैठे।

1783 : ज्योलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया की स्थापना।

1931 : गांधी-इरविन संधि के बाद गांधी जी ने अपना सविनय अवज्ञा आंदोलन समाप्त कर दिया।

1953 : सोवियत संघ के जाने-माने नेता जॉसेफ स्टालिन के निधन की अफवाह दुनिया भर में फैल गई। उन्होंने 1928 में सोवियत संघ की सत्ता संभाली थी। एक दिन बाद उनकी मौत की पुष्टि की गई।

1958 : अमेरिका द्वारा फ्लोरिडा के केप केनवरा से छोड़ा गया सैन्य उपग्रह 2 एक्सप्लोरर पृथ्वी के वातावरण में वापस लौट आया और टुकड़े टुकड़े हो गया।

1966 : जापान के माउंट फूजी में ब्रिटिश ओवरसीज़ एयरवेज़ कॉरपोरेशन का एक बोइंग 707 प्लेन दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें सवार 124 लोगों की मौत हो गई।

1970 : परमाणु अप्रसार संधि को लागू किया गया। 24 नवंबर 1969 को इस संधि पर हस्ताक्षर किए गए थे और इसे 45 देशों ने अनुमोदित किया था।

1987 : इक्वाडोर में एक के बाद एक कई भूकंपों से पूरे देश में भारी तबाही। सड़कें और पुल टूट गए और तेल की प्रमुख पाइपलाइन फट गई और भूस्खलन से गांव के गांव बह गए। करीब 2000 लोगों के मरने का अंदेशा, 75,000 से ज्यादा घायल हुए।

1993 : कनाडा के फर्राटा धावक बेन जानसन द्वारा प्रतिबंधित दवाओं के सेवन के कारण उसके एथलेटिक्स में भाग लेने पर जीवन भर के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया।

1998 : श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में बम विस्फोट में करीब 32 लोगों की मौत और 300 से ज्यादा घायल। हमले में लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम का हाथ होने का अंदेशा।

2010 : इसरो द्वारा विकसित तीन टन की भार वहन क्षमता वाले साउंडिंग रॉकेट का आंध्र प्रदेश के श्री हरिकोटा अंतरिक्ष केंद्र से सफल परीक्षण।



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