कोरोना काल में ‘आत्मनिर्भर भारत’ बन गया हर किसी के शब्दावली का अहम हिस्सा: पीएम

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तेजपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार पूर्वोत्तर के सर्वांगीण विकास में जुटी हुई है और विकास कार्यों से इस क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खुले है। शुक्रवार को डिजिटल माध्यम से ते़जपुर विश्वविद्यालय के 18वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने छात्रों का आह्वान किया कि वे इन संभावनाओं का लाभ उठाएं और आत्मनिभर भारत अभियान में योगदान दें।

पीएम ने कहा, हमारी सरकार आज जिस तरह नार्थ ईस्ट के विकास में जुटी है, जिस तरह संपर्क, शिक्षा और स्वास्थ्य और अन्य क्षेत्रों में काम हो रहा है, उससे आपके लिए अनेकों नई संभावनाएं बन रही हैं। इन संभावनाओं का पूरा लाभ उठाइये। कोरोना के काल में आत्मनिर्भर भारत अभियान हर किसी की शब्दावली का अहम हिस्सा हो गया है।

पीएम ने कहा, हमारे अंदर वो घुल मिल गया है। हमारा पुरुषार्थ, हमारे संकल्प, हमारी सिद्धि, हमारे प्रयास ये सब हम अपने ईर्द-गिर्द महसूस कर रहे हैं। आज हर चुनौती से निपटने का देश के युवाओं का अंदाज और देश का मिजाज कुछ हटकर है। उन्होंने ऑस्ट्रलिया में भारतीय क्रिकेट टीम को मिली टेस्ट श्रृंखला में जीत का उदाहरण देते हुए कहा कि तमाम चुनौतियों के बावजूद उन्होंने मैच में जीत हासिल की।

हमारे युवा खिलाड़ियों ने चुनौतियों का सामना किया और समाधान तलाशे। कुछ खिलाड़ियों में अनुभव जरूर कम था लेकिन हौसला उतना ही बुलंद था। उनको जैसे ही मौका मिला, उन्होंने इतिहास बना दिया। कहा, ‘‘क्रिकेट के मैदान पर भारतीय क्रिकेट टीम के प्रदर्शन से हमें सीख मिलती है कि हमें अपनी क्षमता पर विश्वास होना चाहिए, सकारात्मक माइंडसेट से काम करने पर रिजल्ट भी सकारात्मक ही आता है।

अगर जीतने की कोशिश में कभी कभार असफलता भी हाथ लग गई तो इसमें कोई नुकसान नहीं है। उन्होंने छात्रों से कहा, ‘‘रिस्क लेने से, प्रयोग करने से डरना नहीं है। हमें प्रोएक्टिव और निर्भीक होना पड़ेगा।’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि आज का भारत समस्या के समाधान के लिए बड़े स्तर पर काम करने से भी पीछे नहीं हटता।

इस अवसर पर असम के राज्यपाल जगदीश मुखी, मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल और केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक भी उपस्थित थे। दीक्षांत समारोह में 2020 में उत्तीर्ण 1218 छात्रों को डिग्री और डिप्लोमा प्रदान किए गए। डिग्री प्राप्‍त करने वालों में विभिन्न स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में सर्वाधिक अंक पाने वाले 48 छात्रों को स्वर्ण पदक भी प्रदान किया गया।

दीक्षांत समारोह कोरोना से बचाव के नियमों का पालन करते हुए आयोजित किया गया। केवल पी.एच.डी. और स्वर्ण पदक प्राप्‍त करने वाले छात्र ही व्‍यक्तिगत रूप से डिग्री और पदक के लिए उपस्थित हुए जबकि अन्‍य छात्रों को डिजिटल माध्‍यम से डिग्री और डिप्लोमा प्रदान किए गए।



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