कोरोना के बढ़ते मामले देख केंद्र ने राज्यों को दिए निर्देश

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नई दिल्ली। केंद्र ने पांच राज्यों के उन 15 जिलों को उचित तरह से निषिद्ध क्षेत्रों का निर्धारण करने, होम आइसोलेशन में रहने वालों की प्रभावी निगरानी करने और पर्याप्त संख्या में नमूनों का परीक्षण करने के साथ ही निर्बाध रूप से मरीजों को अस्पताल में भर्ती करने को कहा, जहां कोरोना संबंधी मौत और संक्रमण के मामलों की संख्या में वृद्धि हो रही है।

सूत्रों ने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने समीक्षा बैठक में जिलों के अधिकारियों से एंबुलेंस के पहुंचने के समय में कमी लाने के साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा। साथी कहा कि एंबुलेंस सेवा एक भी मामले में मरीज को इंकार नहीं करे। उन्होंने यह भी कहा कि संक्रमण से मौत के मामलों में कमी लाने के मद्देनजर अस्पताल में भर्ती मरीजों का प्रभावी ढंग से इलाज सुनिश्चित किया जाए। आंध्र प्रदेश, पंजाब, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु के इन 15 जिलों में पिछले चार सप्ताह से कोरोना वायरस संक्रमण के नए मामलों, उपचाराधीन मामलों और म‍ौत के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है।

इन जिलों में चित्तूर, प्रकासम, मैसूर, बेंगलुरु शहरी, बेल्लारी, कोप्पल, दक्षिण कन्नड, दावणगेरे, लुधियाना, पटियाला, चेन्नई, कोयंबटूर, सेलम, लखनऊ और कानपुर नगर शामिल हैं। वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से हुई बैठक के दौरान भूषण ने इन राज्यों के स्वास्थ्य सचिवों का आह्वान किया कि वे संक्रमण की श्रृंखला पर अंकुश लगाने और मृत्यु दर एक प्रतिशत से नीचे लाने के लिए कार्य योजना बनाएं।