प्रतीक गौरी ने इकोनॉमिक क्षेत्र में भारत की बनाई विश्वस्तरीय पहचान


प्रतीक ने कहा कि मैं हमेशा से जॉब क्रिएटर बनना चाहता था। उद्यमिता भारत को एक ऐसा देश बनने में मदद करेगा, जिसकी हम कल्पना करते हैं। मैं युवाओं को आईआईटी, आईआईएम अन्य संस्थानों में सर्वश्रेष्ठ विचारों को बोलने और वित्त पोषण करने के लिए प्रेरित करने की कोशिश करता हूं।


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नई दिल्ली। वैश्विक प्रभाव वाले उद्यमी प्रतीक गौरी जो की 8 कंपनियों के निदेशक मंडल में हैं और जिनका स्टार्टअप के मूल्यांकन लाखों डॉलर का है ने इकोनॉमिक क्षेत्र में अपनी अगल पहचान बनाई है। गौरी ने वर्ष 2019 में 26 देशों की यात्रा की और 10 विभिन्न देशों में 10 से अधिक पुरस्कार जीते हैं। 

दिल्ली का यह लड़का अभी मात्र 29 वर्ष का है और उसने दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम, ऑक्सफोर्ड में स्कोल वर्ल्ड फोरम, ओस्लो में नोबेल शांति पुरस्कार फोरम, न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र, अनलीश इनोवेशन लैब जैसे मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व किया है। चीन एवं मेक्सिको में स्वर्ण जीत कर भारत का मान बढ़ाया है। इतने कम उम्र होने के बाबजूद प्रतीक कई संस्थान से जुड़े हैं। जिनमें इंडिया होस्ट ऑफ़ टीवी शो फिनटेक टीवी और द इम्पैक्ट, ग्लोबल यूथ लीड ऑफ़ ड्रीम टैंक प्रमुख है। 

इसके अलावा गौरी दुनिया भर में एक बिलियन युवा आंदोलन लेट्स डू के सह-संस्थापक भारत फ्लैगशिप जीटीएम ​​इंजन, एएलटी सीटीआरएल के सह-संस्थापक एक ब्लॉकचेन-सक्षम मंच,  लेटेस्टगोसोशल के सह-संस्थापक एक रचनात्मक विपणन एजेंसी, भारत की सह-संस्थापक में अपना योगदाने दे रहे हैं। वे एक नेतृत्व आंदोलन, ग्लासटेक के सह-संस्थापक एक शून्य अपशिष्ट बी2बी कांच के बने पदार्थ ब्रांड, और टाटा समूह के साथ कार्यकारी पदों पर रह चुके हैं।

प्रतीक गौरी कहते है कि मैं पिछले 3 वर्षों में 30 से अधिक देशों में जा कर और सफलतापूर्वक अरबपतियों, मशहूर हस्तियों और दुनिया के 500 प्रभाबी  सीईओ से धन जुटाने में कामयाब रहा हूं। प्रतीक ने हजारों डॉलर के असंख्य पुरस्कार जीते हैं। उनमें से कुछ हैं, ग्रीनबीज़ ग्लोबल 30 अंडर 30 ब्रिटिश पेट्रोलियम स्कॉलर, डब्ल्यूईएफ ग्लोबल शेपर, यूएस वाइस प्रेसिडेंट अल गोर द्वारा प्रशिक्षित क्लाइमेट लीडर, वन यंग में राजदूत अर्थ डे नेटवर्क द्वारा विश्व और एशिया की शीर्ष 50 आवाज़ें। 

प्रतीक ने अपना 2 साल का एमबीए प्रतिष्ठित भारतीय विदेश व्यापार संस्थान और शिकागो विश्वविद्यालय से सामरिक प्रबंधन में एक प्रमाण पत्र अर्जित किया। उद्यमिता के बारे में पूछे जाने पर प्रतीक ने कहा, अगर हम सभी नौकरी ही करते रहे, तो कौन गरीब शिक्षा, पानी, जलवायु संकट, लिंग असमानता जैसी चुनौतियों का समाधान करेगा? 

प्रतीक ने कहा कि मैं हमेशा से जॉब क्रिएटर बनना चाहता था। उद्यमिता भारत को एक ऐसा देश बनने में मदद करेगा, जिसकी हम कल्पना करते हैं और मैं युवाओं को आईआईटी, आईआईएम अन्य संस्थानों में सर्वश्रेष्ठ विचारों को बोलने और वित्त पोषण करने के लिए प्रेरित करने की कोशिश करता हूं। 30 देशों में 150 से अधिक भाषण देने के बाद, 29 वर्षीय गौरी को एक बड़े प्रशंसक के साथ एक वैश्विक युवा आइकन माना जाता है।



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