रघुवंश प्रसाद सिंह के निधन पर लालू ने कहा, ‘आप इतनी दूर चले गये…बहुत याद आयेंगे’


रघुवंश बाबू का हम सबके बीच से चले जाना पीड़ा दायक है। जनप्रिय व सरल हृदय व्यक्तित्व वाले रघुवंश बाबू की स्मृतियां हमेशा मेरे मन में रहेगी। रघुवंश बाबू ने जनसेवा को आजीवन प्राथमिकता दी। बिहार की माटी ने रघुवंश बाबू के रूप में एक सच्चा जनहितैषी सपूत खो दिया।


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पटना। पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह का रविवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में निधन हो गया। सिंह 74 वर्ष के थे। उनके परिवार में दो पुत्र और एक पुत्री हैं। उनकी पत्नी का पहले ही निधन हो चुका है।  अंतिम संस्कार के लिए सिंह के पार्थिव शरीर को पटना लाया जाएगा।

सिंह के विश्वासपात्र केदार यादव ने  बताया कि उनका सुबह करीब 11 बजे सांस लेने में कठिनाई और अन्य जटिलताओं के कारण निधन हो गया। शुक्रवार रात तबियत बिगड़ने के बाद उन्हें आईसीयू में वेंटिलेटर पर रखा गया था। इससे पहले जून में सिंह के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी और वह उम्स, पटना में भर्ती रहे थे।बाद में उन्हें हाल ही में एम्स, दिल्ली में भर्ती कराया गया था।

बिहार के राज्यपाल फागू चौहान ने सिंह के निधन पर गहरी शोक-संवेदना व्यक्त करते हुए कहा, ‘‘रघुवंश बाबू समाज के गरीब, कमजोर और वंचित वर्ग के लोगों के सामाजिक-आर्थिक विकास हेतु सदैव तत्पर रहते थे। वे एक लोकप्रिय राजनेता, प्रख्यात शिक्षाविद, कुशल प्रशासक तथा प्रखर समाजवादी विचारक थे। उनके निधन से भारतीय राजनीति और विशेषकर बिहार को अपूरणीय क्षति हुई है।’’

राज्यपाल ने दिवंगत नेता की आत्मा को चिरशांति तथा उनके शोक-संतप्त परिजनों-प्रशंसकों को धैर्य-धारण की क्षमता प्रदान करने के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शोक संदेश में कहा, ‘‘वे एक प्रख्यात समाजवादी नेता थे। वे दिवंगत कर्पूरी ठाकुर के मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री रहे। उन्होंने चार बार वैशाली से लोकसभा का प्रतिनिधित्व किया और केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री के रूप में उनका कार्यकाल अत्यंत सराहनीय रहा। वे जमीन से जुड़े राजनेता थे। उनके निधन से मुझे व्यक्तिगत रूप से दुख पहुंचा है। उनके निधन से राजनीतिक, सामाजिक, शिक्षा तथा समाजवाद के क्षेत्र में अपूरणीय क्षति हुई है।’’

सिंह के निधन का समाचार मिलते ही कुमार ने उनके पुत्र सत्यप्रकाश सिंह से दूरभाष पर बात कर उन्हें सांत्वना दी।
मुख्यमंत्री ने स्थानिक आयुक्त एवं अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सिंह के परिजनों से सम्पर्क कर उनके पार्थिव शरीर को उनकी इच्छा के अनुरूप पटना लाने तथा राज्य सरकार की ओर से उनके अंतिम संस्कार के लिये सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें।कोविड काल के लिये वर्तमान में लागू दिशा-निर्देश के तहत निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुरूप राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की चिर शान्ति तथा उनके परिजनों एवं प्रशंसकों को दुख की इस घड़ी में धैर्य धारण करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है।

उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा, ‘‘रघुवंश प्रसाद सिंह का निधन बिहार के सार्वजनिक जीवन को बड़ी क्षति है। उन्होंने सिद्धांत की राजनीति की, राजनीति के लिए सिद्धांत नहीं छोड़ा। वे परिवारवाद, भ्रष्टाचार और मूल्यहीनता के विरुद्ध अपनों से लड़े और जीवन की आखिरी सांस तक योद्धा रहे। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दें।’’

बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव ने कहा, ‘आदरणीय रघुवंश बाबू अभी चंद दिन पहले तो एम्स में आपसे बात हुई थी। मेरे द्वारा जल्द स्वस्थ होने की बात कहने पर आपने कहा था जल्द बाहर आकर साथ में कड़ा संघर्ष करेंगे। पिता जी के जेल जाने के बाद आप चंद लोग ही तो ऊर्जा और प्रेरणा देते रहे है। अचानक चले गए आप और मुझे लगभग अकेला कर गए।’

तेजस्वी ने कहा कि राजद को अपनी मेहनत और वैचारिक दृष्टिकोण से सींचने वाले कर्म के धनी महान व्यक्तित्व को सादर नमन। आपकी कमी राजद व देश को सदैव खलेगी।

राजद प्रमुख लालू प्रसाद ने ट्वीट किया है, ‘‘प्रिय रघुवंश बाबू! ये आपने क्या किया? मैंने परसों ही आपसे कहा था आप कहीं नहीं जा रहे है। लेकिन आप इतनी दूर चले गए। नि:शब्द हूँ। दुःखी हूं। बहुत याद आएंगे।’

सिंह ने एम्स से ही बृहस्पतिवार को ही प्रसाद को पत्र लिखकर राजद से अपना इस्तीफा दे दिया था।लेकिन प्रसाद ने शुक्रवार को जेल अधीक्षक के माध्यम से सिंह को पत्र लिखकर कहा था, ‘‘आप यहीं हैं, कहीं नहीं जा रहे हैं।’’

इसबीच राजद के झारखंड अध्यक्ष अभय कुमार सिंह ने कहा, ‘‘लालू जी तो न्यायिक हिरासत में रिम्स में इलाजरत हैं। अतः उनकी प्रतिक्रिया के बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता है क्योंकि उनसे किसी की मुलाकात नहीं है। हालांकि रघुवंश प्रसाद जी के निधन से वह निश्चित ही मर्माहत होंगे।’’

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए रविवार को कहा कि वे सरल हृदय जननेता थे। अपने शोक संदेश में कहा, ‘‘रघुवंश जी एक सरल हृदय जननेता थे। उनका निधन अपूरणीय क्षति है। भगवान दिवंगत आत्मा को शांति और परिजनों को दुःख की इस घड़ी को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।’’

पूर्व मुख्यमंत्री और केन्द्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री अर्जुन मुंडा ने शोक संदेश में कहा, ‘‘पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह के निधन से देश ने एक कद्दावर राजनेता खो दिया। वह अपनी बात बेबाकी से रखते थे।’’

मुंडा ने कहा भगवान उनकी आत्मा को शांति दें और उनके परिजनों और समर्थकों को इस कठिन समय में इसे सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

भाजपा नेता रघुवर दास ने शोक संदेश में कहा, ‘‘पूर्व केंद्रीय मंत्री रहे एवं बिहार के दिग्गज नेता रघुवंश प्रसाद सिंह के निधन से मैं शोकग्रस्त हूं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘रघुवंश बाबू जमीन से जुड़े हुए नेता थे, जिन्होंने अपना पूरा जीवन गरीब एवं किसानों के उत्थान के लिए लगा दिया। समाज के प्रति उनके द्वारा किये गये कार्यों को कभी भुलाया नहीं जा सकता है।’’

रघुवंश बाबू के निधन का समाचार दुखद: राष्ट्रपति

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह के निधन को दुखद करार देते हुए रविवार को कहा कि वह जमीन‌ से जुड़े व ग्रामीण भारत की असाधारण समझ रखने वाले बहुत ऊंचे कद के नेता थे। उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘‘रघुवंश प्रसाद सिंह के निधन का समाचार दुखद है। जमीन‌ से जुड़े व ग्रामीण भारत की असाधारण समझ रखने वाले रघुवंश बाबू का कद बहुत ऊंचा था। अपने संतों जैसे सादा जीवन से उन्होंने सार्वजनिक जीवन को विशेष गरिमा प्रदान की। उनके परिवार, समर्थकों व प्रशंसकों को मेरी शोक-संवेदनाएं!’’

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शोक प्रकट किया

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह के निधन पर यह कहते हुए शोक प्रकट किया कि वह ‘सरल हृदय के नेता’ थे और उनके निधन से राष्ट्र को ‘अपूरणीय क्षति’ हुई है।

मुख्यमंत्री ने दिवगंत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और उनके परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की। उन्होंने कहा, ‘‘ रघुवंशजी सरल हृदय के नेता थे। उनका निधन अपूरणीय क्षति है….ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और उनके परिवार को इस क्षति को बर्दाश्त करने की शक्ति दे।’’

बिहार ने सच्चा जनहितैषी सपूत खो दिया: नड्डा

भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा ने रविवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह के निधन पर शोक प्रकट करते हुए उन्हें जनप्रिय व सरल हृदय का व्यक्ति बताया और कहा कि उनके चले जाने से बिहार ने एक सच्चा जनहितैषी सपूत खो दिया।

नड्डा ने सिलसिलेवार ट्वीट कर कहा, ‘‘रघुवंश बाबू का हम सबके बीच से चले जाना पीड़ा दायक है। जनप्रिय व सरल हृदय व्यक्तित्व वाले रघुवंश बाबू की स्मृतियां हमेशा मेरे मन में रहेंगी। रघुवंश बाबू ने जनसेवा को आजीवन प्राथमिकता दी। बिहार की माटी ने रघुवंश बाबू के रूप में एक सच्चा जनहितैषी सपूत खो दिया। विनम्र श्रद्धांजलि।’’

उन्होंने कहा कि अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में रघुवंश बाबू ने अनेक महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन किया। उन्होंने कहा, ‘‘केंद्रीय मंत्री के दायित्व में हों या जनप्रतिनिधि के रूप में, रघुवंश बाबू के व्यक्तित्व में सादगी और सरलता आकर्षित करने वाली थी। बहुत याद आएंगे रघुवंश बाबू!’’

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने रघुवंश प्रसाद सिंह के निधन पर शोक प्रकट किया

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने रविवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह के निधन पर शोक प्रकट किया और कहा कि गरीबों तथा वंचित वर्गों के प्रति उनका समर्पण सदैव याद किया जाएगा। शाह ने ट्वीट किया, ‘‘ मुझे बिहार के वरिष्ठ राजनेता रघुवंश बाबू के निधन की सूचना से अत्यंत दुःख हुआ। उनका पूरा जीवन लोहिया जी और कर्पूरी ठाकुर जी के विचारों के प्रति समर्पित रहा।’’

उन्होंने लिखा, ‘‘गरीब एवं वंचित वर्ग के कल्याण के लिए उनका समर्पण सदैव याद किया जाएगा। मैं उनके परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूँ। ओम शांति।’’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रघुवंश प्रसाद सिंह के निधन पर दी श्रद्धांजलि

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि सिंह के निधन से बिहार तथा राष्ट्रीय राजनीति में अपूरणीय क्षति हुई है। मोदी ने कहा कि सिंह जमीन से जुड़े हुए नेता थे और उन्हें गरीबी तथा गरीबों की समस्याओं की गहरी समझ थी।


मोदी ने दिवंगत नेता के अंतिम दिनों के दौरान उनके मन में चल रहे ‘मंथन’ की ओर परोक्ष रूप से इशारा करते हुए सिंह का राजद और पार्टी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव से मोहभंग होने का संकेत दिया।

प्रधानमंत्री ने कहा, “पिछले कुछ दिनों से उनके भीतर मंथन चल रहा था। वह जिस विचारधारा को मानते थे उसके प्रति ईमानदार थे। हाल ही में वह सुर्खियों में आए थे। जाहिर है कि वह अंदरूनी ऊहापोह में थे क्योंकि अपने पुराने साथियों के पक्ष में रहना उनके लिए संभव नहीं रह गया था। अंत में उन्होंने अपनी भावनाओं को अस्पताल में लिखे पत्र के जरिये व्यक्त किया।”

मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये बिहार में तीन पेट्रोलियम परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करने के बाद यह कहा।

प्रधानमंत्री ने सिंह के साथ अपनी मुलाकात को याद किया जब राजद नेता केंद्रीय मंत्री थे और मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री।

मोदी ने कहा, “मुझे रघुवंश बाबू के साथ मुलाकात करने का अवसर कई बार मिला था। हम कई बार टीवी पर चर्चा में भाग लेते थे। वह अपने दल का प्रतिनिधित्व करते थे और मैं भाजपा का प्रतिनिधित्व करता था। मैं उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंतित था और उनके बारे में पूछता था।”

मोदी ने सिंह द्वारा बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लिखे पत्र का उल्लेख किया जिसमें सिंह ने पूर्ववर्ती लोकसभा सीट वैशाली के विकास का मुद्दा उठाया था। मोदी ने कहा, “मैं नीतीश कुमार से अनुरोध करूंगा कि उन विकास परियोजनाओं पर काम किया जाए जिनका जिक्र सिंह ने किया था। राज्य और केंद्र मिलकर उनकी इच्छाओं को पूरा करे।”

रघुवंश प्रसाद सिंह का निधन भारतीय राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति : कांग्रेस

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पूर्व केन्द्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए रविवार को कहा कि उनके निधन के साथ ही गाँव और किसानों की एक मज़बूत आवाज़ सदा के लिए खो गई। कांग्रेस ने सिंह को ‘‘बिहार का सपूत’’ बताते हुए कहा कि उन्हें राजनीति में नैतिकता की वकालत करने के लिए हमेशा याद किया जाएगा। उनके निधन से क्रांति के एक अध्याय का अंत हो गया।

राहुल ने ट्वीट किया, ‘‘रघुवंश प्रसाद सिंह जी के निधन के साथ ही गाँव व किसान की एक मज़बूत आवाज़ सदा के लिए खो गई है। गाँवों व किसानों के उत्थान के लिए उनकी सेवा और लगन तथा सामाजिक न्याय के लिए उनके संघर्ष को सदा याद रखा जाएगा। मेरी भावभीनी श्रद्धांजलि।’’


राहुल, अपनी मां सोनिया गांधी की मेडिकल जांच के लिये उनके साथ अमेरिका गये हैं। प्रियंका गांधी वाड्रा ने ट्वीट किया, ‘‘ग्रामीण इलाकों, खेत-खलिहानों और सामाजिक न्याय की मजबूत आवाज रघुवंश प्रसाद सिंह का निधन भारतीय राजनीति के लिए एक अपूरणीय क्षति है। रघुंवश जी को उनके योगदान के लिए हमेशा याद रखा जाएगा। भावपूर्ण श्रद्धांजलि।’’

कांग्रेस ने रघुवंश प्रसाद को श्रद्धांजलि देते हुए ट्विटर पर कहा, ‘‘राजनीति में नैतिक मूल्यों के पैरोकार, वंचितों की एक प्रखर आवाज आज खामोश हो गई। आपका जाना जनक्रांति के इतिहास से एक अध्याय की समाप्ति है। बिहार के प्रिय बेटे रघुवंश बाबू को कांग्रेस परिवार की ओर से सादर श्रद्धांजलि।’’

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री जयराम रमेश ने भी उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी है।

मनरेगा लागू करने में रघुवंश की भूमिका को हमेशा याद रखा जाएगा: उपराष्ट्रपति नायडू

उप राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने रविवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह के निधन पर शोक प्रकट करते हुए कहा कि ‘महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना’ को क्रियान्वित करने में उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। उप राष्ट्रपति सचिवालय ने नायडू को उद्धृत करते हुए ट्वीट किया, “पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह के निधन से दुख हुआ। वह अच्छे सांसद थे और जमीन से जुड़े नेता थे, उन्होंने गरीबों और ग्रामीण लोगों के उत्थान के लिए बहुत काम किया।”

नायडू ने कहा कि ‘महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम’ (मनरोगा) लागू करने में सिंह की भूमिका को हमेशा याद किया जाएगा। उन्होंने कहा, “उनके परिवार के सदस्यों को मेरी संवेदनाएं। ओम शांति।”


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