बंगले का हिस्सा ढहाये जाने को लेकर शिवसेना पर बिफरीं कंगना कहा, ‘उद्धव तेरा घमंड भी टूटेगा’


कंगना ने अपने घर पर बीएमसी अधिकारियों की कुछ तस्वीरें भी साझा की, जिसके नीचे लिखा था, ‘‘पाकिस्तान…डेथ ऑफ डेमोक्रेसी तथा बाबर और उसकी फौज डेथ ऑफ डेमोक्रेसी।’’ उन्होंने बंगले की पुरानी तस्वीरें पोस्ट कर इसे अपना ‘‘राम मंदिर’’ बताया।


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मुंबई। बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) ने बुधवार को अभिनेत्री कंगना रनौत के बांद्रा स्थित बंगले का कथित तौर पर अवैध हिस्सा ध्वस्त कर दिया। इसके बाद यहां पहुंचने पर वह सिलसिलेवार ट्वीट और वीडियो के जरिये शिवसेना तथा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर जमकर बरसी।

उन्होंने अपने बंगले को ‘‘राम मंदिर’’ और खुद को छत्रपति शिवाजी की बेटी बताया।

केन्द्र सरकार की ओर से हाल ही में वाई-प्लस श्रेणी की सुरक्षा पाने वाली अभिनेत्री को मुंबई हवाई अड्डे के बाहर प्रदर्शन कर रहे शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाए और नारेबाजी की। वहीं हवाईअड्डे पर मौजूद आरपीआई (ए) और करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने कंगना का समर्थन किया।

कंगना ने अपने ट्विटर अकाउंट पर पोस्ट किये गये एक वीडियो संदेश में शिवसेना प्रमुख एवं मुख्यमंत्री ठाकरे को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘उद्धव ठाकरे, तुझे क्या लगता है कि तूने फिल्म माफिया के साथ मिलके मेरा घर तोड़ के मुझसे बहुत बड़ा बदला लिया है…आज मेरा घर टूटा है कल तेरा घमंड टूटेगा, यह वक्त का पहिया है, याद रखना हमेशा एक जैसा नहीं रहता।’’

अभिनेत्री ने कहा, ‘‘… मुझे पता तो था कि कश्मीर पंडितों पर क्या बीती है, आज मैंने महसूस किया है और आज मैं इस देश को वचन देती हूं कि मैं सिर्फ अयोध्या पर ही नहीं, कश्मीर पर भी एक फिल्म बनाउंगी और अपने देशवासियों को जगाउंगी क्योंकि मुझे पता था कि यह हमारे साथ होगा तो होगा, लेकिन मेरे साथ हुआ इसका कोई मतलब है कि इसके कोई मायने हैं। ’’

उन्होंने वीडियो में कहा, ‘‘…उद्धव ठाकरे ये जो क्रूरता, ये जो आतंक है, अच्छा हुआ मेरे साथ हुआ क्योंकि इसके कुछ मायने हैं। ’’

वीडियो के बाद एक अन्य पोस्ट में कंगना ने लिखा है, ‘‘उद्धव ठाकरे और करण जौहर गिरोह। आपने पहले मेरे काम की जगह तोड़ी, अब मेरा घर तोड़ रहे हैं फिर मेरा चेहरा और शरीर तोड़ेंगे। मैं देखना चाहती हूं कि आखिर आप लोग कहां तक जा सकते हैं, मैं रहूं या ना रहूं, मैं सबका सच सामने लाकर रहूंगी।’’

कंगना ने एक अन्य ट्वीट में दावा किया कि मादक पदार्थ माफिया का पर्दाफाश करने के कारण बीएमसी उनके खिलाफ ऐसी कार्रवाई कर रहा है। इससे पहले दिन में सिलसिलेवार पोस्ट में कंगना ने कहा कि उनके घर में कोई अवैध निर्माण नहीं है।

उन्होंने ट्वीट किया,“ …कोविड-19 के दौरान सरकार ने 30 सितंबर तक निर्माण कार्य ध्वस्त करने पर प्रतिबंध लगा रखा है, बुलीवुड (धौंस देने वाली दुनिया) अब देखो कि फासीवाद कैसा दिखता है। लोकतंत्र खत्म हो गया…।’’ एक अन्य पोस्ट में उन्होंने कहा, ‘‘मैं कभी गलत नहीं हूं और मेरे दुश्मनों ने फिर से साबित कर दिया है कि मेरी मुंबई अब पीओके क्यों है…। ’’

कंगना ने बांद्रा स्थित अपने बंगले में कथित अवैध निर्माण ध्वस्त किये जाने के बाद एक बार फिर ‘‘पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर’’ (पीओके) से मुंबई की तुलना की।

गौरतलब है कि मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र के बारे में कंगना के एक हालिया बयान से विवाद खड़ा हो गया है। उन्होंने दावा किया था कि वह मुंबई में असुक्षित महसूस करती हैं। इसके बाद शिवसेना के नेता संजय राउत ने उनसे मुंबई वापस नहीं आने को कहा था। राउत के इस बयान के बाद अभिनेत्री ने मुंबई की तुलना पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) से की थी।

हालांकि, बुधवार को राउत ने इंडिया टूडे से कहा, ‘‘मैंने कंगना रनौत को कभी धमकी नहीं दी, मैंने तो बस मुंबई की तुलना पीओके से किये जाने पर अपना रोष प्रकट किया था, क्या बीएमसी ने जो कार्रवाई की उसके लिये मैं जिम्मेदार हूं…कंगना का मुंबई में रहने के लिये स्वागत है। ’’

कंगना ने अपने घर पर बीएमसी अधिकारियों की कुछ तस्वीरें भी साझा की, जिसके नीचे लिखा था, ‘‘पाकिस्तान…डेथ ऑफ डेमोक्रेसी तथा बाबर और उसकी फौज डेथ ऑफ डेमोक्रेसी।’’ उन्होंने बंगले की पुरानी तस्वीरें पोस्ट कर इसे अपना ‘‘राम मंदिर’’ बताया।

उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘आज बाबर वहां आया और इतिहास खुद ब खुद दोहरा दिया गया। राम मंदिर एक बार फिर तोड़ दिया गया, लेकिन याद रखो बाबर, यह मंदिर फिर से बनेगा। जय श्री राम। ’’

कंगना ने एक अन्य पोस्ट में खुद को छत्रपति शिवाजी की बेटी बताया और कहा कि वह ‘‘सम्मान और गरिमा’’ के लिये लड़ रही हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘अपनी फिल्म के जरिये मैंने रानी लक्ष्मीबाई के साहस और बलिदान को महसूस किया है। दुख की बात यह है कि मुझे अपने महाराष्ट्र आने से रोका जा रहा है। लेकिन मैं रानी लक्ष्मीबाई के पथ का अनुसरण करूंगी। मैं किसी से ना डरूंगी, ना किसी के आगे झुकूंगी। मैं गलत के खिलाफ अपनी आवाज उठाती रहूंगी।’’

इससे पहले दिन में, बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने उनके बांद्रा स्थित बंगले में अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया।

हालांकि, कंगना को बंबई उच्च न्यायालय से राहत भी मिल गई। अदालत ने उनके बंगले में अवैध निर्माण को बीएमसी द्वारा ध्वस्त करने की शुरू की गई प्रक्रिया पर रोक लगाते हुए एक स्थगन आदेश जारी किया।

अदालत ने यह भी जानना चाहा कि नगर निकाय उनके बंगले में कैसे घुसा, जब उसकी मालकिन वहां उपस्थित नहीं थीं।

बीएमसी के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘ध्वस्त करने की प्रक्रिया पर उच्च न्यायालय के स्थगन आदेश आने के समय तक (अवैध निर्माण) ढहाये जाने की योजना को क्रियान्वित किया जा चुका था।’’ कंगना ने कहा कि नगर निकाय को उनके बंगले को निशाना बनाने के बजाय राज्य की जर्जर सड़कों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

अभिनेत्री के वकील ने आरोप लगाया कि बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने बांद्रा में उनके बंगले का जो हिस्सा दिन में ध्वस्त किया है, वहां उसके अवैध निर्माण के बारे में नगर निकाय झूठ बोल रहा है।

स्थगन आदेश के बाद कंगना के कार्यालय के बाहर संवाददाताओं से बात करते हुए उनके वकील रिजवान सिद्दीकी ने कहा, ‘‘बीएमसी झूठ बोल रही है। उनका कहना है कि उन्होंने काम रोकने का नोटिस दिया था। लेकिन इस तरह का नोटिस तब दिया जाता है, जब निर्माण कार्य जारी हो। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘उस स्थान पर कोई निर्माण कार्य नहीं चल रहा था। करीब डेढ साल पहले यह पूरा हो गया था।’’

अभिनेत्री ने यह बंगला सितंबर 2017 में कथित तौर पर 20 करोड़ रुपये में खरीदा था। वह इस बंगले को अपने कार्यालय के रूप में उपयोग करती हैं। मणिकर्णिका में कंगना की सह-अभिनेत्री अंकिता लोखंडे ने अभिनेत्री को ‘‘दिलेर’’ बताया है। फिल्म से कंगना की एक तस्वीर साझा करते हुए लोखंडे ने लिखा है, ‘‘बहुत सारा प्यार और आपको खूब सारी ताकत मिले।’’

मुंबई की तुलना पीओके से करने के लिए कंगना की आलोचना करने वाली अभिनेता रेणुका साहण ने बुधवार को बंगले का कथित अवैध निर्माण गिराए जाने की कार्रवाई को लेकर बीएमसी की आलोचना की।

उन्होंने लिखा है, ‘‘मुंबई की तुलना पीओके से करने वाली कंगना रनौत की टिप्पणी मुझे बिलकुल पसंद नहीं आयी, लेकिन मैं बीएमसी द्वारा बदले की भावना से की गई कार्रवाई से स्तब्ध हूं। आपको इतना नीचे गिरने की जरुरत नहीं थी। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री कृपया हस्तक्षेप करें। हम महामारी से निपट रहे हैं। क्या हमें इस बेकार के ड्रामे की जरूरत है।’’