महिलाओं और बच्चों की तस्करी के खिलाफ ‘संभवत: सबसे कड़ा कानून’ बनाने पर काम कर रही है सरकार :ईरानी


ईरानी ने ‘कोविड-19 का प्रभाव: बच्चों का आर्थिक शोषण और वैश्विक आपूर्ति चक्र की भूमिका’ विषय पर सत्र को संबोधित करते हुए कहा, ‘महिला एवं बाल विकास मंत्रालय महिलाओं और बच्चों की तस्करी के खिलाफ संभवत: सबसे कड़ा कानून संसद में पेश करने की कवायद में लगा है।’


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नई दिल्ली। केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने बुधवार को कहा कि सरकार महिलाओं और बच्चों की तस्करी के खिलाफ ‘संभवत: सबसे कड़ा कानून’ बनाने के लिए संसद में विधेयक पेश करने की कवायद में जुटी है।

‘फेयर शेयर फॉर चिल्ड्रन’ विषय पर तीसरे ‘लॉरिएट एंड लीडर्स फॉर चिल्ड्रन’ सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार बच्चों की सुरक्षा के प्रति तत्परता से काम कर रही है।

ईरानी ने ‘कोविड-19 का प्रभाव: बच्चों का आर्थिक शोषण और वैश्विक आपूर्ति चक्र की भूमिका’ विषय पर सत्र को संबोधित करते हुए कहा, ‘महिला एवं बाल विकास मंत्रालय महिलाओं और बच्चों की तस्करी के खिलाफ संभवत: सबसे कड़ा कानून संसद में पेश करने की कवायद में लगा है।’

गौरतलब है कि मानव तस्करी (रोकथाम, निवारण एवं पुनर्वास) विधेयक , 2018 को वर्ष 2018 में लोकसभा में पारित कर दिया गया था, लेकिन इसे राज्य सभा में पेश नहीं किया जा सका था। 2019 में मोदी सरकार का पहला कार्यकाल खत्म होने के चलते यह विधेयक रद्द हो गया था।