‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान का असर, लिंगानुपात में उत्साहजनक सुधार: स्मृति ईरानी

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नई दिल्ली। महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान ने लोगों पर एक स्थायी छाप छोड़ी है, जिसके परिणामस्वरूप जन्म के समय लिंगानुपात में 16 प्वाइंट का सुधार हुआ है। जन्म के समय लिंगानुपात और स्कूलों में माध्यमिक स्तर पर लड़कियों के पंजीकरण में बढ़ोतरी उत्साहजनक है, वहीं सरकार स्वास्थ्य और शिक्षा मंत्रालयों और देश के नागरिकों के साथ बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के माध्यम से और सुधार करने की दिशा में प्रयासरत है।

ईरानी ने ट्वीट किया, ‘‘2015 में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढाओ’ कार्यक्रम की शुरुआत की थी जिसका उद्देश्य बालिका के जन्म और अधिकारों के प्रति समाज में व्यवहारिक परिवर्तन लाना है। पिछले छह वर्षों के दौरान, बीबीबीपी ने लोगों पर एक स्थायी छाप छोड़ी है जिससे जन्म के समय लिंगानुपात में 16 प्वाइंट का सुधार हुआ है।’’

बीबीबीपी योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वपूर्ण योजनाओं में से एक है और इसे उन्होंने जनवरी, 2015 में पानीपत, हरियाणा में शुरू किया था। इसके तहत उन जिलों पर ध्यान केंद्रित किया जाता है जहां 2011 की जनगणना के अनुसार बाल लिंगानुपात खराब है।

कार्यक्रम का लक्ष्य एक जागरूकता अभियान के साथ-साथ बहु-क्षेत्रीय हस्तक्षेप के माध्यम से संबंधित जिलों में बाल लिंगानुपात में गिरावट के मुद्दे का समाधान करना है। इसमें पहली तिमाही में गर्भधारण का पंजीकरण, संस्थागत प्रसव में वृद्धि और जन्म पूर्व लिंग का पता लगाने पर रोक शामिल है। महा विकास अघाड़ी गठबंधन में राकांपा और कांग्रेस भी शामिल हैं।



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