अर्णब गोस्वामी पर दो बाईक सवारों ने किया हमला, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पर लगाया आरोप


अर्णब ने आरोप लगाया कि उन पर हमला करने वाले लोग यूथ-कांग्रेस के कार्यकर्ता थे। इन हमलावरों को’कांग्रेस के बड़े ओहदे’वाले लोगों ने आदेश देकर भेजा था कि वे आएं और मुझे’सबक’सीखाएं।अर्णब वीडयो में कांग्रेस पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को इसकेलिए’ज़िम्मेदार’ठहराया है औरसाथ ही कहा हैकि अगर उनके साथ कुछ भी होता है तो इसके लिए सिर्फ़ और सिर्फ़ सोनिया गांधी ही ज़िम्मेदार होंगी।


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मुंबई. रिपब्लिक टीवी
के एडीटर इन चीफ अर्णब गोस्वामी ने बुधवार देर रात अपने उपर हुए हमले का आरोप कांग्रेस
पर लगया है। अर्णब ने आरोप लगाया है कि जब वे मुंबई में आफिस से अपने घर लौट रहे थे
तभी दो बाईक सवार लोगों ने उन पर हमला किया।
अर्णब ने ट्वीट किए गए एक वीडियों में
हमले का आरोप लगाते हुए कहा है कि, ”मैं ऑफिस से घर लौट रहा था तभी रास्ते में बाइक सवार दो गुंडों ने हमला किया।
मैं अपनी कार में पत्नी के साथ था। हमलावरों ने खिड़की तोड़ने की कोशिश की। ये कांग्रेस
के गुंडे थे।” देर रात जारी अपने वीडियो में अर्णब ने आरोप
लगाया कि उन पर हमला करने वाले लोग यूथ-कांग्रेस के कार्यकर्ता थे। अर्णब इस
वीडियो में आरोप लगाते है कि इन हमलावरों को ‘कांग्रेस के
बड़े ओहदे’ वाले लोगों ने आदेश देकर भेजा था कि वे आएं और
मुझे ‘सबक’ सीखाएं। अर्णब अपने इस पाँच
मिनट के वीडयो में कांग्रेस पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी पर भी हमला करते
हैं और उन्हें इस हमले के लिए ‘ज़िम्मेदार’ ठहराते हैं। साथ ही वो यह भी कहते है कि अगर उनके साथ कुछ भी होता है तो इसके
लिए सिर्फ़ और सिर्फ़ सोनिया गांधी ही ज़िम्मेदार होंगी।
समाचार एजेंसी
एएनआई के मुताबिक़ इस मामले में दो लोगों को गिरफ़्तार किया गया है। अर्णब गोस्वामी
पर आरोप है कि उन्होंने अपने टीवी प्रोग्राम में कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी के लिए
अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया था। वहीं कांग्रेस के कई बड़े नेताओं ने अर्णब गोस्वामी
की भाषा को लेकर सवाल उठाए हैं और उनकी आचोलना की है।

बता दें कि पालघर में दो साधुओं पर हुए हमले पर अर्णब ने अपने टीवी शो में कहा
था, “अगर किसी मौलवी या पादरी की इस
तरह से हत्या हुई होती तो क्या मीडिया, सेक्युलर गैंग और
राजनीतिक दल आज शांत होते? अगर पादरियों की हत्या होती तो
क्या ‘इटली वाली एंटोनियो माइनो’ ‘इटली
वाली सोनिया गांधी’ आज चुप रहतीं?”

इस वाक़ये के बाद से कांग्रेस और बीजेपी नेताओं के बीच राजनीतिक
आरोप-प्रत्यारोप तेज़ हो गए हैं और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार में कैबिनेट
मंत्री टीएस सिंहदेव ने रिपब्लिक टीवी के संपादक अर्णब गोस्वामी के ख़िलाफ़
एफ़आईआर भी दर्ज कराई है। टीएस सिंहदेव ने आरोप लगाया था कि अपने चैनल में एक
कार्यक्रम के दौरान अर्णब ने समुदायों के बीच नफ़रत फैलाने के लिए जानबूझकर भड़काऊ
बयान दिए और सोनिया गांधी के ख़िलाफ़ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया।
महाराष्ट्र
के पालघर से सूरत जा रहे दो साधुओं और उनके ड्राइवर की भीड़ ने पीट-पीट कर हत्या
कर दी थी। भीड़ को इन पर चोर होने का शक था। इसी मुद्दे पर अर्णब ने सोनिया गांधी
को लेकर टिप्पणी की थी। सोनिया गांधी पर टीवी कार्यक्रम के दौरान दिए गए अर्णब
गोस्वामी के इस बयान की कई नेताओं ने आलोचना की है। मध्य प्रदेश के पूर्व
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने उनकी निंदा की है। वहीं राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत
ने अर्णब के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग की है और उन्होंने एडिटर्स गिल्ड से उनके
ख़िलाफ़ कदम उठाने के लिए कहा है।

कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी अर्णब के बयान की निंदा की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा है कि ये बेहद दुर्भाग्यजनक है कि कुछ न्यूज़ एंकर सोनिया गांधी के मूल्यों पर सवाल उठा रहे हैं। अपने जीवन का पचास साल से अधिक वक़्त वो भारत में गुज़ार चुकी हैं। उन्होंने इज़्ज़त और शिद्दत के साथ अपने प्रियजनों का बलिदान दे कर ये साबित किया है कि भारतीय होने का मतलब क्या है।” 
वहीं कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैय्या ने अर्णब गोस्वामी पर आरोप लगाते हुए कहा, “पत्रकारिता एक सम्मानजनक काम है, इसके ज़रिए जनता गणतंत्र के तीनों स्तंभों के बारे में जान सकती है और विचार कर सकती है। लेकिन अर्णब गोस्वामी और रिपब्लिक टीवी इस बात का उदाहरण हैं कि पत्रकारिता कैसे नहीं की जानी चाहिए।”  कांग्रेस की इस तीख़ी प्रतिक्रिया पर बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने सोनिया गांधी पर हमला किया है। उन्होंने कहा है ट्वीट कर कहा, “सोनिया गाँधी ने सुप्रीम कोर्ट से कहा था कि भगवान राम का कोई अस्तित्व नहीं है। सोनिया गांधी न राम को पसंद करती है ना राम भक्तों को।”