प्रधानमंत्री मोदी ने नेताजी के पैतृक आवास का दौरा किया, पहुंचे विक्टोरिया मेमोरियल


पीएम के भवानीपुर इलाके में स्थित ‘‘नेताजी भवन’’ पहुंचने पर सुगतो बोस और उनके भाई सुमंत्रो बोस ने प्रधानमंत्री का स्वागत किया। ये दोनों नेताजी सुभाष चंद्र बोस के परपोते हैं।


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बंगाल चुनाव-2021 Updated On :

कोलकाता। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस के पैतृक आवास ‘‘नेताजी भवन’’ का दौरा किया और इसके बाद वे ‘‘पराक्रम दिवस’’ समारोह में हिस्सा लेने विक्टोरिया मेमोरियल पहुंचे।

यहां के भवानीपुर इलाके में स्थित ‘‘नेताजी भवन’’ पहुंचने पर सुगतो बोस और उनके भाई सुमंत्रो बोस ने प्रधानमंत्री का स्वागत किया। ये दोनों नेताजी सुभाष चंद्र बोस के परपोते हैं।

‘‘नेताजी भवन’’ में प्रधानमंत्री का इंतजार कर रहे लोगों ने उनके पहुंचने पर ‘‘जय श्री राम’’ के नारे लगाए। प्रधानमंत्री ने हाथ हिलाकर उनका अभिवादन किया।

सुगतो बोस ने कहा कि मोदी को वह ‘‘वंडर कार’’ दिखाई गई जिसमें सवार होकर नेताजी सुभाष चंद्र बोस कोलकाता से गोमो पहुंचे थे।

मोदी को नेताजी और उनके भाई सरत चंद्र बोस के कमरे भी दिखाए गए।

प्रधानमंत्री ने उस संग्रहालय का भी दौरा किया जहां आजाद हिंद फौज से जुड़ी यादगार तस्वीरें हैं।

उन्होंने इसके बाद नेशनल लाइब्रेरी का दौरा किया। वहां ‘‘21वीं सदी में नेताजी की विरासत का पुन:अवलोकन’’ विषय पर एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया है। वहां कलाकारों की ओर से एक प्रदर्शनी भी लगाई गई है। प्रधानमंत्री ने कलाकारों और सम्मेलन में भाग लेने वाले प्रतिभागियों से संवाद किया।

यहां से प्रधानमंत्री सीधे विक्टोरिया मेमोरियल पहुंचे जहां वे ‘‘पराक्रम दिवस’’ समारोह आयोजित किया गया है ।

इससे पहले, प्रधानमंत्री का विमान तकरीबन तीन बजे नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर उतरा। राज्य सरकार के मंत्री पुर्णेंदु बसु ने उनका स्वागत किया। वहां से प्रधानमंत्री हेलीकॉप्टर के जरिए शहर के आरसीटीसी मैदान पहुंचे। बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनकड़ और राज्य सरकार के मंत्री फिरहद हकीम ने यहां उनका स्वागत किया।

प्रधानमंत्री ने आज सुबह असम के शिवसागर जिले में स्थित जेरेंगा पठार के मूल निवासी और भूमिहीन परिवारों के लिए 1.6 लाख भूमि पट्टा आवंटन अभियान की शुरुआत की।

सरकार ने पिछले दिनों नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती को ‘पराक्रम दिवस’ के तौर पर मनाने का निर्णय किया।

गौरतलब है कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती मनाने के लिए सरकार ने प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में 85 सदस्यीय एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है जो साल भर के कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करेगी।



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