भारत अगले तीन से चार महीनों में ‘डीप ओशन मिशन’ की शुरूआत करेगा


मंत्रालय के एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इस मिशन पर चार हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत आने की उम्मीद है, जो भारत के विशाल विशेष आर्थिक क्षेत्र और महाद्वीपीय जल सीमा का पता लगाने के प्रयासों को बढ़ावा देगा।


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अर्थव्यवस्था Updated On :

नई दिल्ली। भारत समुद्र में खनिजों, ऊर्जा और समुद्री विविधता की खोज में जल्द ही एक महत्वाकांक्षी ‘डीप ओशन मिशन’ की शुरूआत करेगा। समुद्र के बड़े हिस्से के बारे में अभी भी बहुत जानकारी नहीं है। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के एक शीर्ष अधिकारी ने यह जानकारी दी।

मंत्रालय के सचिव एम राजीवन ने कहा कि इस मिशन के लिए आवश्यक अनुमोदन प्राप्त किये जा रहे हैं और इसकी शुरूआत अगले तीन से चार महीनों में होने की संभावना है।

मंत्रालय के एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इस मिशन पर चार हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत आने की उम्मीद है, जो भारत के विशाल विशेष आर्थिक क्षेत्र और महाद्वीपीय जल सीमा का पता लगाने के प्रयासों को बढ़ावा देगा।

राजीवन ने कहा कि मिशन में विभिन्न गहरे समुद्र की पहलों के लिए विकासशील प्रौद्योगिकी को भी शामिल किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि बहु-विषयक कार्य मंत्रालय और अन्य सरकारी विभागों जैसे रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ), जैव प्रौद्योगिकी विभाग, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो), वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) द्वारा संचालित किये जायेंगे।

उन्होंने बताया कि इसमें शामिल कुछ प्रौद्योगिकी को इसरो और डीआरडीओ जैसे संगठनों द्वारा विकसित किया जाएगा।

मंत्रालय के अधिकारी ने बताया कि एक अन्य पहलू गहरे समुद्र के खनन की संभावना तलाश करना है और आवश्यक प्रौद्योगिकी को विकसित किया जा रहा है।



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