एफएआईएफए ने कृषि संबंधी फैसलों में किसान संगठनों को प्रमुखता से शामिल करने की मांग की


किसान संगठन एफएआईएफए ने बुधवार को कहा कि सरकार द्वारा कृषि संबंधी फैसले
करने की प्रक्रिया में किसान संगठनों को अधिक प्रमुखता से शामिल करना
चाहिए। इसके साथ ही किसान संघ ने किसानों और किसान संगठनों के साथ मिलकर सुधारों की नियमित समीक्षा किए जाने की मांग भी की।


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अर्थव्यवस्था Updated On :

नयी दिल्ली। किसान संगठन एफएआईएफए ने बुधवार को कहा कि सरकार द्वारा कृषि संबंधी फैसले करने की प्रक्रिया में किसान संगठनों को अधिक प्रमुखता से शामिल करना चाहिए। इसके साथ ही किसान संघ ने किसानों और किसान संगठनों के साथ मिलकर सुधारों की नियमित समीक्षा किए जाने की मांग भी की।

अखिल भारतीय किसान संगठनों के परिसंघ (एफएआईएफए) ने केंद्र सरकार के नए कृषि सुधारों की सराहना की और कहा कि सरकार को इनके सही कार्यान्वयन के लिए जरूरी कदम उठाने चाहिए। एफएआईएफए का दावा है कि वह आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और गुजरात में वाणिज्यिक खेती करने वाले किसानों और कृषि श्रमिकों का प्रतिनिधित्व करता है।

केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के साथ ही बीते दिनों आठ सूत्रीय कृषि सुधारों की घोषणा की है। सरकार का कहना है कि इनमें किसानों की आय बढ़ाने पर खासतौर से जोर दिया गया है। एफएआईएफए के अध्यक्ष जवारे गौड़ा ने कहा कि इन सुधारों के सुव्यवस्थित कार्यान्वयन के लिए सरकार को किसानों के बीच इन नीतियों के बारे में जागरूकता और शिक्षा को बढ़ावा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे किसानों के बीच गलत सूचना का प्रसार रुकेगा और वे इन फैसलों से फायदा उठा सकेंगे।