क्रेडिट सुइसे ने जीडीपी 8.5 से 9 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया

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अर्थव्यवस्था Updated On :

मुंबई। वित्तीय सेवा कंपनी क्रेडिट सुइसे ने कोरोना संक्रमण के कारण आर्थिक गतिविधियों के प्रभावित होने के खतरे को देखते हुए मौजूदा वित्तीय वर्ष के लिए अनुमानित सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) को घटाते हुए 8.5 से 9 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है। कंपनी ने यह चेतावनी भी दी है कि आर्थिक गतिविधियों के प्रभावित होने से संभावनाओं के अनुरूप जीडीपी हासिल करने के लिए दो से तीन वर्ष की देरी भी लग सकती है।

क्रेडिट सुइसे के भारत में इक्विटी रणनीतिकार नीलकंठ मिश्रा ने कहा, ‘‘हमें वर्ष 2021-22 में वर्ष 2019-20 के मुकाबले जीडीपी पांच प्रतिशत अधिक बढ़ने का अनुमान है। वित्त वर्ष 2019-20 में जीडीपी चार प्रतिशत रही थी।’’

उन्होंने उम्मीद जताई कि इस बार आर्थिक गतिविधियां कुछ सप्ताह तक प्रभावित रहेंगी जबकि पिछले वर्ष कई महीनों तक आर्थिक क्षेत्र से जुड़ी गतिविधियां प्रभावित रही थी। इस बार प्रतिबंध राष्ट्रीय स्तर पर कम और छोटे स्तर पर अधिक है।

उन्होंने कहा कि विकास कब सामान्य होगा, यह उस पर निर्भर करता है कि कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर कबतक रहती है और सरकारों द्वारा प्रतिबंध कब हटाए जायेंगे। उम्मीद है कि मध्य मई के बाद लॉकडाउन की स्थिति में कमी आएगी या ज्यादा कड़े प्रतिबंध नहीं लगाए जायेंगे। एस एंड पी, फिच और मूडीज जैसे अंतरराष्ट्रीय संस्थानों ने वित्त वर्ष 2021-22 में जीडीपी दस से ग्यारह प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है।