व्यवसायी की संदिग्ध हालात में मौत : छह पुलिसकर्मियों पर हत्या का मुकदमा

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Crime Scene tape stretched taut in front of dumpster in background.


गोरखपुर। गोरखपुर जिले के रामगढ़ ताल इलाके में एक होटल के निरीक्षण के दौरान कथित रूप से पुलिस की पिटाई से एक रियल एस्टेट कारोबारी की हुई मौत मामले में निलंबित छह पुलिसकर्मियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।

पुलिस सूत्रों ने बुधवार को बताया कि रामगढ़ ताल थाना क्षेत्र में सोमवार रात होटल में निरीक्षण के दौरान कानपुर निवासी रियल एस्टेट कारोबारी मनीष गुप्ता की कथित तौर पर पुलिस की पिटाई से हुई मौत के मामले में निलंबित किए जा चुके थानाध्यक्ष समेत छह पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।

जिलाधिकारी विजय किरन आनंद ने बुधवार को बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वारदात में मृत व्यवसाई मनीष गुप्ता की पत्नी मीनाक्षी से मंगलवार रात फोन पर बात की। राज्य सरकार ने पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपये की मदद का आदेश दिया है।

उन्होंने बताया कि मीनाक्षी ने पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज नहीं होने तक अपने पति का शव नहीं ले जाने की बात कही थी। हालांकि, इस मामले में वांछित कार्रवाई होने पर शव को 28/29 सितंबर की दरमियानी रात करीब एक बजे कानपुर ले जाया गया।

गौरतलब है कि सोमवार रात रामगढ़ ताल थाना क्षेत्र में एक होटल में कानपुर निवासी 36 वर्षीय गुप्ता अपने दो दोस्तों प्रदीप और हरी चौहान के साथ ठहरे थे। देर रात पुलिस होटल में निरीक्षण के लिए पहुंची थी। निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि तीन लोग गोरखपुर के सिकरीगंज स्थित महादेवा बाजार के निवासी चंदन सैनी के पहचान पत्र के आधार पर एक कमरे में ठहरे हैं। संदेह होने पर पूछताछ के दौरान पुलिस द्वारा कथित रूप से की गई पिटाई से घायल मनीष की संदिग्ध हालात में गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई थी।

मनीष की पत्नी मीनाक्षी ने पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाते हुए कहा कि इसी वजह से उसके पति की मृत्यु हुई है। हालांकि, पुलिस ने इस आरोप से इनकार करते हुए कहा कि मनीष नशे की हालत में थे और पूछताछ के दौरान जमीन पर गिरने से उसके सिर में चोट आ गई थी जिससे उसकी मृत्यु हुई।

मीनाक्षी ने ट्वीट कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की थी। मनीष के साथ कमरे में ठहरे उसके दोस्तों ने बताया कि वे लोग गोरखपुर के रहने वाले कारोबारी चंदन सैनी के बुलावे पर गोरखपुर आए थे।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने रामगढ़ ताल के थाना प्रभारी जेएन सिंह और फलमंडी थाना प्रभारी अक्षय मिश्रा समेत छह पुलिसकर्मियों को मंगलवार को ही निलंबित कर पुलिस अधीक्षक (नगर) को मामले की जांच सौंपी थी।